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J&K: उमर अब्दुल्ला की सरकार बनने के बाद दूसरा अटैक, अबतक 7 लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में आतंकियों ने सुरंग निर्माण में काम कर रहे मजदूरों के कैम्प पर हमला किया। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई। 5 लोग घायल है जिनका श्रीनगर के सुपर स्पेशलिटी एसकेआईएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है। आतंकी वारदात के बाद देश में उबाल है। दरअसल, घाटी में दहशत फैलाने के लिए आतंकवादी लगातार कोशिश में जुटे हुए हैं।
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जम्मू-कश्मीर में नई सराकर के बने अभी 4 दिन ही हुए है और आतंकियों के दूसरे अटैक से पूरा राज्य डर के माहौल में है। दरअसल जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में आतंकियों ने सुरंग निर्माण में काम कर रहे मजदूरों के कैम्प पर हमला किया। यह हमला रविवार रात 8:15 बजे हुआ था। इस हमले में अबतक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। घायल कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पांच घायलों का श्रीनगर के सुपर स्पेशलिटी एसकेआईएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जिन लोगों की मौत हुई है उनका नाम फहीम नासिर (सुरक्षा प्रबंधक, बिहार), अंगिल शुक्ला (मैकेनिकल मैनेजर, मध्य प्रदेश), मोहम्मद हनीफ (बिहार), डॉ. शहनवाज (बडगाम, कश्मीर), कलीम (बिहार), शशि अब्रोल (डिज़ाइनर, जम्मू) और गुरमीत सिंह (रिगर, गुरदासपुर, पंजाब) है।
हमले को लेकर अधिकारियों ने बताया कि हमला रविवार को गगनगीर इलाके में एक निजी कंपनी के मजदूरों के कैंप पर हुआ था, जिसमें सात लोगों की जान चली गई। मारे गए लोगों में स्थानीय और बाहरी लोग शामिल थे। ये मजदूर गगनगीर और सोनमर्ग के बीच एक सुरंग बनाने के काम में लगे थे ताकि श्रीनगर से सोनमर्ग तक का रास्ता हर मौसम में खुला रहे। इससे सैकड़ों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इस कायरतापूर्ण हमले की व्यापक रूप से निंदा हो रही है।
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वहीं, खुफिया एजेंसियों का मानना है कि निर्दोष, निहत्थे नागरिकों की हत्या आतंकियों की हताशा का परिणाम है, जो जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए शांतिपूर्ण और जनता द्वारा बड़ी संख्या में भाग लिए गए लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद से बौखलाहट में हैं।
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बता दें कि हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और आतंकियों की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है। हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, "जम्मू-कश्मीर के गगनगीर में निर्दोष नागरिकों पर हुए इस कायराना आतंकी हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और सुरक्षा बलों द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कठिन समय में मैं शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि, "मैं गगनगीर में नागरिकों पर हुए इस घिनौने आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूँ कि इस कृत्य के पीछे जो भी हैं, उन्हें सजा जरूर मिलेगी। हमने पुलिस, सेना और सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी है। हमारे बहादुर जवान मैदान में हैं और वे सुनिश्चित करेंगे कि आतंकियों को इस कृत्य की भारी कीमत चुकानी पड़े। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। पूरा देश इस दुख की घड़ी में परिवारों के साथ खड़ा है।"
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे आतंकियों का कायरतापूर्ण और घिनौना कृत्य बताया। उन्होंने कहा, "गगनगीर हमले में घायल मजदूरों की संख्या अभी अंतिम नहीं है, क्योंकि कुछ स्थानीय और बाहरी मजदूर घायल हुए हैं। हम प्रार्थना करते हैं कि सभी घायलों की पूरी तरह से रिकवरी हो।"
पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटना की निंदा करते हुए इसे "बेमतलब की हिंसा" बताया। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने भी इस हमले की निंदा की।
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जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने कहा, "सोनमर्ग में हुए इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें दो लोगों की जान चली गई है। मेरी संवेदनाएं इन परिवारों के साथ हैं। अपराधियों को सजा दिलाई जानी चाहिए।"