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झालावाड़ स्कूल हादसा: बच्चों की मौत पर गरमाई सियासत, टीकाराम जूली ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब और उठाए गंभीर सवाल

पिपलोदी गांव के सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और 34 अन्य घायल हो गए. स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से पहले भी छत से कंकड़ गिर रहे थे, लेकिन स्कूल प्रशासन ने बच्चों को डांटकर बैठा दिया. यह घटना प्रशासन और स्थानीय तंत्र की लापरवाही का नतीजा बताई जा रही है.

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राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में 25 जुलाई को एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और 34 अन्य घायल हो गए. इस घटना ने न केवल पूरे राज्य को झकझोर दिया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी उबाल ला दिया है.
हादसे की भयावहता

पिपलोदी गांव के सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और 34 अन्य घायल हो गए. स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से पहले भी छत से कंकड़ गिर रहे थे, लेकिन स्कूल प्रशासन ने बच्चों को डांटकर बैठा दिया. यह घटना प्रशासन और स्थानीय तंत्र की लापरवाही का नतीजा बताई जा रही है.

शहीद बच्चों को श्रद्धांजलि

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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "झालावाड़ में स्कूली हादसे में जिन बच्चों की मौत हुई है, उनको श्रद्धांजलि देने के लिए हमने एक कार्यक्रम रखा था. सत्ता पक्ष और विपक्ष समेत सभी लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि भी दी. मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि हादसे में जो बच्चे मारे गए हैं, वह हमारे ही बच्चे हैं. मानवता कहती है कि मुख्यमंत्री को वहां (झालावाड़) जाना चाहिए था, लेकिन सीएम साहब तो गए नहीं और न ही उन्हें (बच्चों) श्रद्धांजलि दी. इसके अलावा, उन्हें लेकर किसी तरह की घोषणा भी नहीं की. "

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उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि अगर हमारी सरकार आएगी तो उन बच्चों के नाम पर मॉडल स्कूल बनवाएंगे, ताकि हमारे अंदर उनकी यादें जिंदा रहें. वे सभी बच्चे बड़े सपने के साथ विद्यालय गए थे, मगर एक हादसे में उनकी जान चली गई. मुझे बड़ा अफसोस है कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या थी. इस घटना के बाद भी हादसे रुक नहीं रहे हैं. कई दर्जन स्कूलों की बिल्डिंग गिर चुकी है. मैं पूछता हूं कि सरकार इसके लिए क्या कदम उठा रही है?"

जूली की प्रतिक्रिया

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जूली ने प्रधानमंत्री पर बिहार में की गई अभद्र टिप्पणी मामले में भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "भाजपा की पूरे देश के अंदर भद्द पिट रही है, इसलिए खुद उन्होंने एक व्यक्ति को भेजा, जिसने अभद्र टिप्पणी की. हालांकि, मैंने वो बयान नहीं सुना है, लेकिन भाजपा वाले अब इसे बेवजह का मुद्दा बना रहे हैं. अभद्र टिप्पणी हमने नहीं की है और न ही हमारी पार्टी के किसी कार्यकर्ता ने की है. हमारे लिए सभी की 'मां' एक समान हैं. "

सरकार की राहत राशि

राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत की घोषणा की है. पिपलोदी स्कूल को 10 बीघा जमीन प्रदान की गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके. इसके अलावा, पीड़ित 6 परिवारों को कुल 35 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दी गई है, और प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपये नकद सहायता भी मिली है. मृतकों के परिजनों को 5 बकरियां और एक बकरा भी वितरित किया गया है.  

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शिक्षा बजट पर सवाल

पिछले पांच वर्षों में सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र के लिए कुल 1675 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया, लेकिन हाल ही में झालावाड़ में घटित स्कूल हादसे ने इस खर्च की पारदर्शिता और प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे में सात मासूम बच्चों की दुखद मृत्यु हो गई, जिससे आमजन और विशेषज्ञों के बीच रोष और चिंता बढ़ गई है.

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झालावाड़ स्कूल हादसा न केवल एक दुखद घटना है, बल्कि यह सरकारी तंत्र की लापरवाही और संवेदनहीनता का भी प्रतीक बन गया है. राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद, सवाल यह है कि क्या इस हादसे के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.  

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