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जयपुर में दिवाली पर कड़ा नियम: मीट की दुकानें बंद, उल्लंघन पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्दीकरण का मेयर का आदेश

यह आदेश जयपुर को एक सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. मेयर सौम्या गुर्जर ने अपील की है कि सभी नागरिक त्योहार को खुशी से मनाएं और नियमों का पालन करें. निगम की टीमें दिवाली से पहले ही सर्वे शुरू कर देंगी, ताकि कोई उल्लंघन न हो.

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में दिवाली के पावन पर्व पर मीट की दुकानों को बंद रखने का सख्त आदेश जारी किया गया है. जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश के बाद राजस्थान में भी यह फैसला लागू हो गया है, जिसमें उल्लंघन करने पर दुकानदारों को भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है.

यह आदेश न केवल मीट शॉप्स के लिए बल्कि नॉनवेज रेस्टोरेंट्स और होटल्स के लिए भी लागू होगा, जिससे शहर में दीपोत्सव के दौरान शांति और स्वच्छता का माहौल बनेगा.

मेयर सौम्या गुर्जर का आदेश 

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मेयर सौम्या गुर्जर ने शुक्रवार को जारी आदेश में स्पष्ट कहा है कि दिवाली के दिन सभी मीट की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी. उन्होंने कहा, "दिवाली हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जहां लोग पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन करते हैं. धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसलिए यह कदम उठाया गया है. " यह आदेश जयपुर के ग्रेटर क्षेत्र पर लागू होगा, जहां बड़ी संख्या में मीट शॉप्स संचालित हैं. मेयर ने जोर देकर कहा कि जनमानस की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, और इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए निगम की टीमें सतर्क रहेंगी.  

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पांच दिनों का दीपोत्सव 

दिवाली से जुड़े पांच दिनों के दीपोत्सव के दौरान नॉनवेज रेस्टोरेंट्स और होटल्स पर भी सख्ती बरती जाएगी. इन स्थानों पर नॉनवेज का कोई डिस्प्ले नहीं किया जाएगा, और साफ-सफाई बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं. मेयर ने कहा कि होटल मालिकों को वेज मेन्यू को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि त्योहार का माहौल शांतिपूर्ण रहे. इसके अलावा, सभी मीट शॉप्स पर हलाल या झटका लिखना अनिवार्य होगा, जो पहले से ही लागू नियम का हिस्सा है. उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई होगी, जिसमें जुर्माना लगाने से लेकर दुकान सील करने तक की कार्रवाई शामिल है.  

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भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द

आदेश का पालन न करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. मेयर ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकानदार दिवाली पर मीट शॉप खोलता है या नियम तोड़ता है, तो उसे भारी जुर्माना लगाया जाएगा. इसके अलावा, लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी. निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रैंडम चेकिंग करें और अवैध दुकानों पर नजर रखें. पिछले महीनों में इसी तरह के नियमों के तहत कई दुकानों पर कार्रवाई हो चुकी है, जैसे रिहायशी इलाकों से मीट शॉप्स हटाना. यह कदम शहर में अनियंत्रित मीट बिक्री को रोकने के लिए उठाया गया है.  

दुकानदारों और समाज की प्रतिक्रिया 

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मिश्रित भावइस आदेश पर दुकानदारों में असंतोष है. जयपुर मीट ट्रेडर्स एसोसिएशन के एक सदस्य ने कहा, "दिवाली पर एक दिन की बंदी से बिक्री प्रभावित होती है, लेकिन हम नियमों का पालन करेंगे. " वहीं, धार्मिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने इसका स्वागत किया है. एक हिंदू संगठन के प्रतिनिधि ने कहा, "यह फैसला हमारी भावनाओं का सम्मान करता है और त्योहार को शुद्ध बनाता है. " मेयर ने भी कहा कि यह निर्णय सभी समुदायों के हित में है, और निगम भविष्य में अन्य त्योहारों पर भी ऐसे कदम उठाएगा.  

अन्य त्योहारों पर भी सख्ती :

यह पहला मौका नहीं है जब जयपुर में मीट शॉप्स पर पाबंदी लगाई गई है. नवरात्रि के दौरान मांस-मछली की दुकानें बंद रहती हैं, और मंगलवार व शनिवार को भी बंदी का नियम है. जयपुर हेरिटेज की मेयर कुसुम यादव ने हाल ही में शनिवार को भी मीट दुकानें बंद करने का आदेश दिया था, खासकर मंदिरों और स्कूलों के आसपास. राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन भी ड्राई डे घोषित किया गया था. ये सभी फैसले धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लिए गए हैं.  

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यह आदेश जयपुर को एक सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. मेयर सौम्या गुर्जर ने अपील की है कि सभी नागरिक त्योहार को खुशी से मनाएं और नियमों का पालन करें. निगम की टीमें दिवाली से पहले ही सर्वे शुरू कर देंगी, ताकि कोई उल्लंघन न हो. 

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