Advertisement

Loading Ad...

इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष: लेबनान में 1600 ठिकानों पर हमला, 500 की मौत

इजरायली सेना ने हाल ही में हिज़बुल्लाह के 1600 से अधिक ठिकानों पर भीषण हमला किया है। इन हमलों में हिज़बुल्लाह के गोला-बारूद और भारी रॉकेट्स को निशाना बनाया गया, जिन्हें लेबनान के रिहायशी इलाकों में छुपा कर रखा गया था।

Loading Ad...
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष ने मिडिल-ईस्ट में एक नया संकट खड़ा कर दिया है। इजरायली सेना आईडीएफ (इजरायल डिफेंस फोर्सेज) ने हाल ही में लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। इस हमले ने न केवल हिजबुल्लाह के ठिकानों को तबाह किया, बल्कि लेबनान के आम नागरिकों के जीवन को भी हिला कर रख दिया है। 

इजरायल का सबसे बड़ा हमला

इजरायली सेना ने हाल ही में हिजबुल्लाह के 1600 से अधिक ठिकानों पर एक साथ हमला किया, जिससे लेबनान के कई इलाके तबाह हो गए। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्लाह के ये ठिकाने आतंकवादी गतिविधियों के केंद्र थे, जहाँ से इजरायल के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती थी। इजरायली सेना ने इन ठिकानों पर हवाई और मिसाइल हमलों के जरिए भारी तबाही मचाई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इस हमले में करीब 500 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 35 बच्चे और 58 महिलाएं भी शामिल हैं। 1600 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है।

इस संघर्ष की जड़ें वर्षों पुरानी हैं, लेकिन हाल के हमलों की शुरुआत तब हुई जब इजरायल को खुफिया जानकारी मिली कि हिजबुल्लाह लेबनान के दक्षिणी हिस्से में बड़े पैमाने पर हथियारों का भंडारण कर रहा है और वहां से इजरायल पर हमला करने की योजना बना रहा है। हिजबुल्लाह ने इजरायली शहरों पर रॉकेट हमले किए, जिसका जवाब इजरायल ने बमबारी करके दिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि यह युद्ध लेबनान के खिलाफ नहीं, बल्कि हिजबुल्लाह के खिलाफ है।

हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में मिसाइल हमले किए। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसने इजरायली सेना के कई ठिकानों को निशाना बनाया है। हिजबुल्लाह द्वारा किए गए हमलों में कई इजरायली सैनिक घायल हुए हैं और कई सैन्य अड्डे बर्बाद हो गए हैं। इस लड़ाई में लेबनान के आम नागरिक भी बुरी तरह फंसे हुए हैं। हिजबुल्लाह पर आरोप है कि वह आम जनता को ढाल बनाकर उनके घरों से इजरायल पर हमले कर रहा है, जिससे नागरिकों का जीवन संकट में पड़ गया है।

इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर लेबनान की आम जनता पर पड़ा है। लोगों के घर बमबारी में नष्ट हो गए हैं और वे सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग—सभी के लिए यह समय बेहद कठिनाई भरा है। अस्पतालों में घायलों का तांता लगा हुआ है और स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। लेबनान की जनता इस समय भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।

अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच जारी इस संघर्ष ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है। अमेरिका ने इस संघर्ष पर चिंता जताई है और मिडिल-ईस्ट में अपनी सैनिक तैनाती बढ़ाने का निर्णय लिया है। अमेरिका का मानना है कि यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है और इसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर मानवीय संकट उत्पन्न हो सकता है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

हालांकि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे इस संघर्ष का कोई निश्चित अंत नहीं दिखता। यह संघर्ष न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे मिडिल-ईस्ट के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। जब तक दोनों पक्ष बातचीत के जरिए इस का हल नहींसमस्या  निकालते, तब तक शांति की उम्मीद करना मुश्किल है। लेबनान की जनता इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित है, और उनके लिए यह संघर्ष जीवन और मौत का सवाल बन गया है।

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...