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दिल्ली में महिलाओं को 2,500 रुपये देने का वादा सिर्फ जुमला? 'आप' ने भाजपा से पूछे तीखे सवाल

दिल्ली में भाजपा सरकार को बने एक महीना हो चुका है, लेकिन महिलाओं को 2,500 रुपये देने के वादे पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ। 'आप' की नेता आतिशी ने सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है और चार बड़े सवाल खड़े किए हैं। जानिए, भाजपा सरकार कब तक अपना चुनावी वादा पूरा करेगी?

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दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बने एक महीना हो चुका है, लेकिन महिलाओं को 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता का वादा अभी तक अधूरा है। आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने भाजपा सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

भाजपा के चुनावी वादे और हकीकत

भाजपा ने विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। यह वादा महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता था, लेकिन अब जब सरकार को बने एक महीना हो चुका है, न तो किसी को पैसा मिला और न ही कोई स्पष्ट योजना सामने आई है।

आतिशी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि 8 मार्च तक महिलाओं के खातों में पैसे आने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इसके बजाय सरकार ने केवल एक कमेटी बनाने की घोषणा की, जो अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची।

आतिशी के चार बड़े सवाल

क्या भाजपा सरकार दिल्ली की 48 लाख से अधिक महिलाओं को 2,500 रुपए देगी?

सरकार की बनाई कमेटी को बने 12 दिन हो चुके हैं, अब तक उसने क्या निर्णय लिया?

महिलाओं को 2,500 रुपए देने की योजना के लिए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कब शुरू होगा?

दिल्ली की महिलाओं के बैंक खातों में 2,500 रुपए की राशि कब तक पहुंचेगी?

भाजपा सरकार की चुप्पी

भाजपा सरकार की ओर से इस मामले पर कोई ठोस जवाब नहीं आया है। विधानसभा के पिछले सत्र में भी इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया। राजनीति में वादे करना आसान होता है, लेकिन उन्हें पूरा करना मुश्किल। भाजपा ने चुनाव से पहले जिस योजना की घोषणा की थी, वह अब सवालों के घेरे में है। महिलाओं को 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता देने का वादा एक बड़े वर्ग को राहत पहुंचाने वाला था, लेकिन इस पर अमल न होने से निराशा बढ़ रही है।

दिल्ली की महिलाएं बेसब्री से इंतजार कर रही हैं कि सरकार अपने वादे को पूरा करे। अगर आने वाले दिनों में इस योजना पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक विवाद बन सकता है।

राजनीतिक दलों के वादे केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होने चाहिए। जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी होती है। भाजपा सरकार को जल्द से जल्द इस योजना पर स्पष्टता लानी होगी, ताकि महिलाओं को उनके हक का लाभ मिल सके। अब देखना यह होगा कि सरकार कब तक इस पर कोई ठोस कदम उठाती है या यह वादा भी केवल एक चुनावी जुमला बनकर रह जाता है।
source- IANS
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