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क्या Shivraj देने वाले हैं मंत्री पद से इस्तीफ़ा

नए नवेले कृषि मंत्री बने शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की मांग हो रही है। कहा जा रहा है कि RSS के कहने पर कुछ बड़ा फ़ैसला लिया जा सकता है।

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Shivraj Singh Chouhan : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ उनका पूरा कैबिनेट शपथ ले चुका है। इस कैबिनेट में इस बार मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan का नाम भी जुड़ा है। शिवराज को मोदी सरकार में कृषि मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी गई है, जिसे उन्होंने बख़ूबी निभाना शुरु भी कर दिया है।लेकिन शिवराज के कृषि मंत्री बन जाने के बावजूद बार बार मांग उठ रही है कि उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए था। आम जनता ये मांग उठा रही थी चलिए समझ आ रहा था, फिर बीजेपी के कार्यकर्ताओं में भी उन्हें लेकर एक सकारत्मकता थी वो भी समझ आया लेकिन अब तो अंदरखाने ख़बर है कि RSS भी यही चाहता है। 



ख़बर तो ये तक है कि RSS शिवराज को मना रहा है कि वो अध्यक्ष पद के लिए तैयार हों, हालांकि शिवराज का अध्यक्ष पद पर आना आसान नहीं होगा, उन्हें पहले अपने मंत्री पद से इस्तीफ़ा देना होगा। अब नए नवेले मंत्री बने शिवराज इतनी जल्दी इस्तीफ़ा तो क़तई नहीं देंगे।क्योंकि अगर उन्हें अध्यक्ष पद पर बिठाना होता तो उन्हें मंत्री बनाया ही क्यों जाता लेकिन हां, शिवराज RSS की पहली पसंद बने हुए हैं और मौजूदा हालातों को देखकर तो यही लग रहा है कि RSS का कोई करीबी और पसंदीदा ही इस कुर्सी पर इस बार विराजमान होने वाला है।

वैसे RSS के मन में पहला नाम शिवराज का है तो वहीं दूसरा नाम राजनाथ सिंह का है ।राजनाथ सिंह भी मोदी सरकार में मंत्री हैं। लेकिन राजनाथ से ज़्यादा शिवराज का व्यक्तित्व उन्हें देश दुनिया में चर्चा का विषय बनाता है। दिलचस्प बात देखिए शिवराज मोदी सरकार में इकलौते ऐसे मंत्री है जिन्होंने छोटे मोटे नहीं बल्कि बहुत बडे़ मार्जिन से जीत हासिल की है। विदिशा सीट से लगभग 8.5 लाख के मार्जिन से जीते हैं, इतना बड़ा अंतर तो नरेंद्र मोदी नहीं ले पाए, इसीलिए वो सबकी पहली पसंद के तौर पर देखे जा रहे हैं, फिर सुलझे हुए नेता हैं, इसीलिए मामा को RSS भी इस गद्दी पर बिठाने की प्लानिंग कर रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक " RSS राजनाथ और शिवराज में से किसी एक को इस पद के लिए ज्यादा सही मानता है । रिपोर्ट के अनुसार अमित शाह और मोदी नहीं चाहते कि इन दोनों में से कोई भी अध्यक्ष बनें । शाह और मोदी किसी प्रभावी पदाधिकारी को शीर्ष पद पर बैठाने चाहते हैं उनके पसंदीदा नेताओं में राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और सुनील बंसल हैं। ये दोनों नेता पार्टी में ऊंचे पद संभाल चुके हैं । दोनों में पार्टी चलाने का अनुभव भी है साथ ही संगठन में अपनी योग्यता भी साबित कर चुके हैं। इनसे से किसी एक की पार्टी प्रमुख के तौर पर नियुक्ति होने की संभावना है "

वैसे सिर्फ़ यही रिपोर्ट ही नहीं बल्कि ख़ुद शिवराज भी ये बात कह चुके हैं कि वो JP Nadda के समय के मंत्री है उन्हें उतना ही अनुभव है। बहरहाल अब देखना दिलचस्प रहेगा कि नड्डा की जगह शिवराज को मिलती है या नहीं ? 
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