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वक़्फ़ बोर्ड पर चंद्रबाबू नायडू बढ़ा रहे मोदी सरकार की टेंशन ?

Meloni ने मुसलमानों को उखाड़ फेंकने की खाई कसम तो Yogi की याद आ गई, सुनकर Modi भी चौंक जाएंगे !

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एक तरफ केंद्र सरकार वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल को लेकर अपने फ़ैसले को लेकर अडिग है और पीछे हटने की कोई प्लनिंग नहीं है तो वहीं दूसरी तरफ़ केंद्र सरकार के सहयोगी चंद्रबाबू नायडू अपने ही फ़ैसले से पलटते हुए नज़र आ रहें हैं और वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा की गारंटी दे रहें हैं, जिसके बाद तमाम सवाल उठने लगे हैं। 

सबसे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एलान कर दिया है कि संसद के इसी सत्र में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा, पीछे हटने का कोई चांस ही नहीं है  "वक्फ संशोधन बिल से किसी को डरना नहीं चाहिए, नरेंद्र मोदी सरकार संविधान के दायरे में रहकर वक्फ एक्ट में बदलाव कर रही है, वक्फ संशोधन बिल के जरिए मुसलमानों के किसी भी अधिकार पर अंकुश लगाने का कोई इरादा नहीं है, इसी सत्र में वक़्फ़ संशोधन बिल लाया जाएगा "

केंद्र सरकार वक़्फ़ संशोधन बिल लाने के लिए तैयार बैठी हुई है वहीं सहयोगी चंद्रबाबू नायडू वक़्फ़ संपत्तियों को लेकर बड़ी गारंटी दे रहे हैं,  राज्य सरकार की इफ्तार पार्टी से सीएम नायडू ऐलान कर रहें हैं कि, हमने हमेशा मुसलमानों के साथ न्याय किया है, हम वक़्फ़ संपत्तियों की रक्षा करेंगे "हमारी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों के उत्थान के लिए 2025-26 के बजट में 5,300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, इमामों को अब 10 हजार रुपए मिलेंगे, जबकि मौजानों को 5 हज़ारे रुपए दिए जाएंगे, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा हम सुनिश्चित करेंगे"

बता दें कि, चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने राज्य की सत्ता में आते ही 30 नवंबर 2024 को वक़्फ़ बोर्ड पर करारा प्रहार करते हुए उसे भंग कर दिया था, जगन मोहन रेड्डी सरकार द्वारा गठित वक्फ बोर्ड को भंग किया जाना नायडू सरकार का बड़ा फ़ैसला था, जिसकी खूब सराहना भी हुई थीं, लेकिन भंग करने के साथ ही नए बोर्ड को बनाने की तैयारी भी शुरु कर दी गई, ऐसे में इफ़्तार पार्टी में सीएम नायडू ने कहा "वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा हम सुनिश्चित करेंगे, इसीलिए बोर्ड का पुनर्गठन किया गया"

यानि चंद्रबाबू नायडू एक तरफ़ वक़्फ़ बोर्ड को भंग करते है, दूसरी तरफ़ संपत्तियों की सुरक्षा की सुरक्षा की गारंटी देते हैं और बोर्ड का पुनर्गठन करते हैं, ऐसे में उनपर दोहरा खेल खेलने का आरोप लगने लगा है, TDP की विपक्षी दल YSRCP के नेता शेख आसिफ ने कहा " मुख्यमंत्री ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया, जबकि आंध्र प्रदेश में वक्फ प्रॉपर्टीज को सुरक्षा देने की बात की, ये मुसलमानों के प्रति दोहरा दृष्टिकोण दर्शाता है"

ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि, कहीं चंद्रबाबू नायडू वक़्फ़ बोर्ड संशोधन विधेयक 2024 पर केंद्र सरकार की मुश्किलें तो नहीं बढ़ा देंगे, क्योंकि लोकसभा में वक़्फ़ बोर्ड संशोधन बिल पास करवाने के लिए TDP के समर्थन की जरुरत पड़ेगी।
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