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संभल से ज़्यादा ख़तरनाक है बदायूं ? Ground Zero से रिपोर्ट देखिये

संभल में जब शाही जामा मस्जिद का सर्वे हुआ तो सबने देखा किस तरह से हिंसा हुई, आज हम आपको बदायूं के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर NMF News की टीम रिपोर्ट करने पहुंची, नजारा देखकर और बदायूं का इतिहास जानकर ऐसा लगा जैसे बदायूं में सर्वे कराना पुलिस प्रशासन के लिए और भी खतरनाक हो सकता है।

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ये तारीख भला कौन भूल सकता है ? इसी दिन संभल में विवाद हुआ। विवाद इसलिए हुआ क्योंकि संभल की शाही जामा मस्जिद में ASI की टीम ने सर्वे किया। सर्वे पूरा हुआ या नहीं हुआ ये तो बाद की बात थी लेकिन उससे पहले खुदाई का भ्रम फैलाकर जो बवाल काटा गया वो सबने देखा। हिंसा की टीस अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि खबर आ गई कि बदायूं की जामा मस्जिद को भी हिंदू मंदिर बताकर हिंदू याचिकाकर्ताओं ने दावा ठोक दिया। हिंदू पक्ष का कहना है कि इस मस्जिद का निर्माण नीलकंठ महादेव मंदिर के ऊपर किया गया है। 


एक तरफ़ हिंदू पक्ष दलील दे रहा है तो वहीं दूसरी तरफ़ मुस्लिम पक्ष ने जवाब देते हुए इसे माहौल बिगाड़ने की कोशिश करारा दिया है। मुस्लिम पक्ष के वकील का कहना है कि ये याचिका सुनने लायक़ ही नहीं है। 

संभल—संभल के बाद अजमेर शरीफ़ दरगाह, उसके बाद बदायूं और बदायूं के बाद अब दिल्ली की जामा मस्जिद का भी सर्वे कराने की मांग उठ गई है। हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने जामा मस्जिद के सर्वे के लिए मांग उठाते हुए कहा है कि कृष्ण मंदिरों को तोड़कर उनकी मूर्तियों को खंडित कर इस जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर लगाई गई हैं, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए।

खैर, तमाम मस्जिदों के सर्वे से जुड़ी खबर के बीच आज इस रिपोर्ट में सिर्फ़ दो जगह की चर्चा करेंगे। पहली संभल और दूसरी बदायूं। देखिये बदायूं में अभी तो सिर्फ़ सर्वे हुआ और बड़े स्तर पर बवाल हो गया। बताया जा रहा है कि 5-10 हज़ार की भीड़ अचानक से हाथों में हथियार लेकर आ गई। पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके गये, गाड़ियों को आग के हवाले किया गया और जमकर उत्पात मचाया गया। सर्वे होने पर ये बवाल था, मान लीजिये सर्वे हिंदुओं के पक्ष में आया और खुदाई हुई तो क्या होगा ?

अब ऐसा ही कुछ बदायूं के लिए कहा जा रहा है। बल्कि बदायूं का मामला तो संभल से भी ख़तरनाक बताया जा रहा है वो क्यों इसे आप ग्राफ़िक्स के ज़रिये समझिये।

संभल


संभल मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। सेंसस 2011 की रिपोर्ट के मुताबिक़ यहां की कुल संख्या 3,12,000 है। संभल में मुस्लिम की कुल आबादी 1,71,515 है। यहां पर हिंदुओं की संख्या 48,581 है। यानि संभल में 77.67 फ़ीसदी तो मुस्लिम ही रहते हैं। संभल में ईसाई धर्म की आबादी 0.12 फ़ीसदी है। संभल की शाही जामा मस्जिद बहुत बड़ी है और इसमें एक साथ कई सौ लोग इबादत कर सकते हैं।

बदायूं


बदायूं में हिंदुओं की आबादी। बदायूं में मुस्लिमों की आबादी। यहां पर ईसाई धर्म की आबादी। बदायूं मस्जिद में एक साथ 23,500 लोगों के नमाज़ पढ़ने की क्षमता है।

इसी से आप समझ सकते हैं कि संभल के मुक़ाबले बदायूं मस्जिद में एक साथ कितने लोग जुट सकते हैं और किस तरह से बवाल को अंजाम दिया जा सकता है। बेहतर होगा कि अगर सर्वे होता है तो ASI की टीम पूरे दल बल के साथ जाए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को पैदा होने से रोका जा सके। संभल की मुस्लिम आबादी भले ही बदायूं से ज़्यादा हो लेकिन जब बात मस्जिद में जुटने की आएगी तो कहां क्या हाल होगा आप समझ सकते हैं। इसी के साथ जब NMF News की टीम बदायूं पहुंचीं तो वो भी वहां का सूरत ए हाल देखकर हैरान थे। कैमरे पर तो कोई नहीं बोला लेकिन हां ऑफ कैमरा वहां पर रिपोर्टिंग करना भी थोड़ा सा चैलेंजिग लग रहा था। 
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