आपको बता दें कि जून में एससीओ की क़िंगदाओ बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ संदेश दिया था कि भारत आतंकवाद पर किसी भी तरह के समझौते के लिए तैयार नहीं है. साझा बयान में आतंकवाद का मुद्दा न शामिल होने पर भारत ने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया. यह कदम पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष चोट और चीन के लिए भी एक बड़ी नसीहत मानी गई. और आज यही SCO समिट है जिसमें आतंकवाद के खिलाफ साझी लड़ाई पर आम सहमति बन गई है और भारत के स्टैंड का समर्थन किया गया है. न सिर्फ इसमें पहलगाम हमले का जिक्र है बल्कि इसकी निंदा भी की गई है.
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