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किसी को नहीं देंगे वीटो का अधिकार...पुतिन के दौरे से बढ़ी ट्रंप की टेंशन, विदेश मंत्री जयशंकर ने दे दिया जवाब

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत दौरे ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है. कहा जा रहा है कि अमेरिका और ट्रंप नाराज हैं. इसी बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत किसी को भी, किसी भी देश को वीटो का अधिकार नहीं देगा कि किसके साथ संबंध रखने हैं और किसके साथ नहीं.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय यात्रा खत्म हो गई है. उनके इस दौरे के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को बता दिया कि वो अपने राष्ट्रहित और स्वतंत्र विदेश नीति की अपनी नीति से कोई समझौता नहीं करेगा. पुतिन-मोदी की मुलाकात की तस्वीरों के अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर का एक बयान जमकर वायरल हो रहा है. दरअसल, जयशंकर ने दो टूक कह दिया है कि भारत-रूस संबंधों में किसी दूसरे को वीटो का अधिकार नहीं है. कहा जा रहा है कि उनका यह बयान अमेरिका के लिए था. कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक वाशिंगटन ने पुतिन के दिल्ली दौरे को गर्मजोशी से नहीं लिया है.

आपको बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार और शुक्रवार को भारत में रहे. इस दौरान दोनों देशों के बीच मेक इन इंडिया को समर्थन, न्यूक्लियर एनर्जी, आतंकवाद, स्पेस, ट्रेड सहित करीब 19 समझौते हुए और कई लॉन्ग-लास्टिंग मुद्दों पर सहमति बनी. वहीं माना जा रहा है कि पुतिन की इस यात्रा से ट्रंप की नाराजगी भारत को लेकर और बढ़ गई है. उनकी नाखुशी और गुस्से से इतर, विदेश मंत्री जयशंकर ने साफ कह दिया है कि जियोपॉलिटिक्स में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद रूस के साथ हमारे रिश्ते सबसे बड़े और सबसे मजबूत रहे हैं.

उन्होंने एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि किसी एक देश के साथ रिश्ते रखने और ना रखने को लेकर भारत के रिश्तों पर वीटो लगाना गलत है और ना ही इसकी इजाजत किसी को दी जा सकती है. उनके इस बयान से साफ है कि उन्होंने अमेरिका को सीधा जवाब दिया है.

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क्या पुतिन के दौरे से बिगड़ेंगे भारत-अमेरिका संबंध?

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पुतिन के दौरे के बाद अमेरिका के साथ भारत के द्विपक्षीय रिश्तों में आने वाली मुश्किलों को लेकर उन्होंने कहा कि पुतिन के बारे में न्यूट्रल और निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए पश्चिमी प्रेस के पास नहीं जाएंगे. उन्होंने इस बात से भी असहमति जताई कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर चल रही वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ेगा और वह जटिल हो जाएगी.

किसी देश को नहीं देंगे वीटो का अधिकार: जयशंकर

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उन्होंने साफ कहा कि भारत के सभी बड़े देशों से अच्छे संबंध हैं. लेकिन किसी देश को हमें वीटो करने या हमसे यह कहने का अधिकार नहीं है कि हम अन्य देशों के साथ किस तरह के संबंध रखें. संप्रभु राष्ट्र के तौर पर हमारे पास मित्रों के चयन की स्वतंत्रता है.

'भारत अपने राष्ट्रहित से समझौता नहीं करेगा'

अमेरिका के साथ ट्रेड टॉक पर उन्होंने कहा कि अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की नीति व्यापार बढ़ाने की ओर है, भारत भी व्यापार बढ़ाने का पक्षधर है लेकिन इस राह में राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना चाहता है. हम सभी के साथ उचित शर्तों और तरीकों से काम करना चाहते हैं. अगर कोई कूटनीति को हथियार बनाकर हमारे निर्णयों को प्रभावित करना चाहे तो उसे निराश ही होना पड़ेगा.

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'ना किसी को खुश, ना किसी को नाराज करने की नीति'

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जयशंकर ने एक स्वतंत्र और बढ़ती हुई भारत की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपने फायदे के लिए खड़ा होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देश की कूटनीति किसी और को खुश करने के लिए नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि यूएस के साथ भारत की ट्रेड डील जल्द ही पूरी हो जाएगी.

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