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'अपनी जमीन पर अब किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई मानेगा भारत', मोदी सरकार का निर्णायक फैसला
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम हो गया है. भारत ने अपनी शर्तों पर सीजफायर का फैसला किया है. दूसरी तरफ मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि अब भविष्य में अगर कोई भी आतंकी हमला होता है तो हिंदुस्तान इसे युद्ध की कार्रवाई मानेगा.
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़े सैन्य तनाव के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला किया है. सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी के मुताबिक अब अब भारत की जमीन पर हुए किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई की तरह लिया जाएगा और उसका जवाब भी उसी प्रकार दिया जाएगा.
दशकों तक पड़ोसी देश पाकिस्तान से होने वाले प्रायोजित आतंकवाद से परेशान भारत के लिए ये अहम फैसला है. भारत ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए साफ कर दिया है कि अब किसी भी आतंकी वारदात, हमले के बाद किसी भी देश, संगठन और नेता से गुहार नहीं लगाएगा और न ही डोजियर-डोजियर का खेल खेलेगा, बल्कि उसका बल पूर्वक जवाब दिया जाएगा.
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वहीं भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता में हुए सीजफायर के लिए अपनी शर्तों पर सहमति जता दी है. भारत ने कहा कि वो किसी भी कीमत पर आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. जबकि पाकिस्तान ने सीजफायर के लिए भारत को लगातार हिंट दे रहा था.
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी मंशा पहले ही जाहिर कर भी थी, जब उसने देश में अब तक हुए कई आतंकी हमलों के मरकज यानी अड्डा, करीब 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उसे तबाह कर दिया. इस कार्रवाई में भारत ने करीब 100 से ज्यादा आतंकियों को जहन्नुम पहुंचा दिया था, जिसमें करीब 5 जैश और लश्कर के कमांडर थे.
पूरे घटनाक्रम पर थी पीएम की मोदी नज़र बनाए हुए हैं
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'ऑपरेशन सिंदूर' पर नजर बनाए हुए थे. शनिवार को इसी सिलसिले में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बैठक की अगुवाई की.
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प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल रहे.
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को पूरी तरह से विफल कर दिया है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए हमले, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई और सैन्य तैयारियों की पूरी जानकारी दी गई.
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प्रधानमंत्री लगातार हर घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं. बीते 24 घंटे में प्रधानमंत्री मोदी की सेना प्रमुखों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यह दूसरी और महत्वपूर्ण बैठक है. इससे पहले प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को भी ऐसी ही एक बैठक की अध्यक्षता की थी.
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इससे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' पर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पाकिस्तान के साथ जारी तनाव पर सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज एयरबेस को नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा, पाकिस्तान ने मिसाइलें दागीं और अस्पताल तथा स्कूल को निशाना बनाया गया. विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयर फोर्स स्टेशन सिरसा और एयर फोर्स स्टेशन सूरतगढ़ के शनिवार सुबह की फोटो दिखाईं और कहा कि ये सुरक्षित हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया, "पाकिस्तानी सेना पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले कर रही है, उसने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, युद्धक हथियार और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है. भारत ने कई खतरों को नाकाम कर दिया, लेकिन पाकिस्तान ने 26 से अधि स्थानों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ करने की कोशिश की. पाकिस्तान ने पंजाब के वायुसेना बेस को निशाना बनाने के लिए रात 1:40 बजे हाई-स्पीड मिसाइलों का इस्तेमाल किया. उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों पर भी हमला किया."
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यह भी बताया गया, "पाकिस्तान की इन हरकतों के बाद तुरंत जवाबी हमले का एक्शन लिया गया. रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहमयार खान पर पाक सैन्य ठिकानों पर सटीक हथियारों और लड़ाकू जेट से हमला किया गया. सियालकोट का एयरबेस भी टारगेट किया गया."