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भारत में नहीं होगा नेपाल-बांग्लादेश वाला हाल... NSA अजित डोभाल ने कर दिया साफ, बताया क्यों नहीं है डरने की जरूरत

भारत में पड़ोसी देशों की तरह सत्ता विरोधी प्रदर्शन और तख्तापलट का ख्वाब पाल रहे देश विरोधी तत्वों को NSA अजित डोभाल ने तगड़ा झटका दिया है. उन्होंने नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश का जिक्र कर कहा कि भारत बदलाव से गुजर रहा है, लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने इसकी वजह भी बता दी है.

NSA Ajit Dobhal (File Photo)
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दुनियाभर में राजनीतिक और कूटनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है. लोकतंत्र को चुनौती मिल रही है, तानाशाही और अलोकप्रिय सरकारों को उखाड़कर फेंका जा रहा है. श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, सीरिया, तंजानिया, अफगानिस्तान के उदाहरण हमारे सामने हैं. इन्हीं सब चिंताओं के बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी NSA अजित डोभाल का बड़ा बयान सामने आया है.

उन्होंने कहा है कि 21वीं सदी का हिंदुस्तान एक बदलाव की ओर आगे बढ़ रहा है, हालांकि इससे डरने की जरूरत नहीं है. पड़ोसी देशों में तख्तापलट का जिक्र करते हुए उन्होंने का कि इन देशों में कुशासन की वजह से सत्ता विरोधी प्रदर्शन हुए. हालांकि उन्होंने इसे गैर संवैधानिक तरीके से सत्ता परिवर्तन करार दिया.

आपको बताएं कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को कहा कि शासन यानी कि किसी भी देश की सरकारों राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे राष्ट्र अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और आम आदमी की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होता है. एनएसए अजीत डोभाल ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर व्याख्यान देते हुए इस बात पर जोर दिया कि शासन में एक उभरती चुनौती आम आदमी को संतुष्ट रखने की बढ़ती जरूरत है.

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पड़ोसी देशों में तख्तापलट का जिक्र

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उन्होंने कहा कि आम आदमी ज्यादा जागरूक और आकांक्षी हो गया है, उसकी राज्य से ज्यादा अपेक्षाएं हैं और राज्य का भी उसे संतुष्ट रखने में निहित स्वार्थ है. कमजोर शासन को शासन परिवर्तन का एक संभावित कारण बताते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और अन्य देशों में गैर-संस्थागत तरीकों से शासन परिवर्तन के उदाहरण दिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन मॉडल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक निश्चित प्रकार के शासन, एक निश्चित प्रकार की सरकार और सामाजिक संरचना से, बल्कि वैश्विक व्यवस्था में अपने स्थान से भी एक व्यापक बदलाव कर रहा है. उन्होंने संस्थागत भ्रष्टाचार को रोकने के लिए वर्तमान सरकार द्वारा किए गए संस्थागत बदलावों पर भी प्रकाश डाला, जिससे संकेत मिलता है कि संभवतः और भी उपाय किए जा रहे हैं.

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भारत को वैश्विक बदलावों से डरने की जरूरत नहीं: NSA डोभाल

उन्होंने कहा कि भारत भी इस समय न केवल बदलाव के दौर से गुजर रहा है, बल्कि पुरानी शासन व्यवस्था, सरकारी और सामाजिक ढांचे, तथा वैश्विक व्यवस्था सभी में परिवर्तन हो रहा है. आज पूरी दुनिया भी एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में सबसे आवश्यक बात यह है कि हम इस बदलाव से डरे नहीं और संभावित खतरों के सामने झुकें नहीं. हमें स्वयं को मजबूत बनाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा. किसी भी सभ्यता को एक सशक्त राष्ट्र-राज्य के रूप में परिवर्तित करना एक अद्भुत और जटिल कार्य है. इस दिशा में सरकार को सामान्य सीमाओं और अपेक्षाओं से परे जाकर सोचने और कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि यह परिवर्तन देश और समाज दोनों के लिए स्थायी प्रगति का आधार बन सके.

NSA ने कहा कि जब भी कोई बदलाव आता है तो सबसे जरूरी है आपकी दूरदर्शिता की स्पष्टता, धूल और तूफानों से अंधे न हो जाना, शोर और धमकियों से घबराना नहीं और विपरीत परिस्थितियों से हार न मानना.

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भारत को खुद को तैयार करना होगा: NSA

उन्होंने कहा कि आपको खुद को सुसज्जित और तैयार करना होगा. सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन इसी के बारे में था. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के एक योद्धा के रूप में भूमिका निभाई, महात्मा गांधी और उनके सभी उपक्रमों का समर्थन किया, और स्वतंत्रता के बाद के युग में 500 से ज्यादा रियासतों का एकीकरण करके देश का एकीकरण भी किया.

'सरदार पटेल की सोच आज सबसे ज्यादा प्रासंगिक'

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डोभाल ने अखिल भारतीय सेवा संरचना के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल के दृष्टिकोण को भी श्रेय दिया, जिसने देश को मजबूत शासन दिया. सुशासन के एक प्रमुख अंग के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने सुरक्षा की आवश्यकता और महिलाओं को समानता और सशक्तिकरण की भावना देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा कि आधुनिक नई दुनिया में सुशासन के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण जरूरी है. मेरा मानना ​​है कि न केवल अच्छे कानून, अच्छी संरचनाएं और अच्छी व्यवस्थाएं होना जरूरी हैं, बल्कि उससे भी ज्यादा जरूरी है कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाए.

'NSA ने साइबर खतरे को लेकर चेताया'

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डोभाल ने शासन में तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने आगे कहा कि हमें ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा जो ज्यादा पारदर्शिता, जवाबदेही और आम आदमी तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करे. उन्होंने कहा कि हमें समाज को साइबर खतरों या तकनीक से पैदा होने वाले कई अन्य खतरों से बचाना होगा.

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