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भारत बनेगा नंबर-1 अर्थव्यवस्था... ट्रंप को अमेरिकी CEO ने दिया बड़ा झटका, कहा- हिंदुस्तान के खिलाफ नहीं जाएंगे

बता दें कि एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान चैम्बर्स ने कहा कि 'ज्यादातर बिजनेस भारत-अमेरिका संबंधों (India-US Relation) को 5, 10 और 15 साल के परिप्रेक्ष्य में देखते हैं, न कि चुनाव चरणों या फिर तिमाही परिणामों के लिहाज से. ऐसे में कई अमेरिकी कंपनियां नए व्यापार समझौते पर भारत के साथ अभी तक बात ना बनने के बावजूद भी प्रतिबद्ध हैं.'

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पूरी दुनिया में भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ रही है. देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को देखकर वर्ल्ड बैंक ने भी लोहा माना है. इसके अलावा दुनिया की तमाम वैश्विक एजेंसियों ने भी इस बात पर भरोसा जताया है कि भारत अगले कुछ वर्षों के अंदर अर्थव्यवस्था में नंबर एक पायदान पर होगा. भारत-अमेरिका टैरिफ टेंशन का मामला अभी भी सुलझा नहीं है. इस बीच अमेरिका-भारत सामरिक भागीदारी फोरम (USISPF) के अध्यक्ष जॉन चैम्बर्स ने कहा है कि 'कोई भी अमेरिकी CEO भारत के खिलाफ दांव नहीं लगाएगा.' उनके इस बयान से साफ जाहिर है कि ट्रंप के खिलाफ जाकर अमेरिका के कई उद्योगपति भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे. 

'वर्तमान स्थिति महज एक शॉर्ट टर्म बाधा'

बता दें कि एक टीवी चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान चैम्बर्स ने कहा कि 'ज्यादातर बिजनेस भारत-अमेरिका संबंधों (India-US Relation) को 5, 10 और 15 साल के परिप्रेक्ष्य में देखते हैं, न कि चुनाव चरणों या फिर तिमाही परिणामों के लिहाज से. ऐसे में कई अमेरिकी कंपनियां नए व्यापार समझौते पर भारत के साथ अभी तक बात ना बनने के बावजूद भी प्रतिबद्ध हैं.' उन्होंने आगे बताया कि 'दोनों देशों के बीच यह स्थिति महज एक शॉर्ट टर्म बाधा है. इससे लॉन्ग टर्म द्विपक्षीय समझौते बाधित नहीं होंगे.' 

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'भारत ने 12 से चौथे स्थान पर लगाई छलांग' 

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चैंबर्स ने इंटरव्यू के दौरान अपना उदाहरण देते हुए बताया कि 'कैसे दो दशक पहले, जब उन्होंने सिस्को सिस्टम (Cisco System) के दूसरे वैश्विक मुख्यालय के रूप में भारत पर दांव लगाया था, तब भारत वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 12वें पायदान पर था, लेकिन अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है.'

'भारत एक स्टार्टअप राष्ट्र बन सकता है' 

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उन्होंने आगे कहा कि 'हमने इस बारे में भी चर्चा की है कि भारत एक स्टार्टअप राष्ट्र बन सकता है. पूरी दुनिया में आईपीओ का नंबर 1 बाजार भारत ही है. अमेरिका की कई कंपनियां भारत में विनिर्माण पर बड़ा दांव लगा रही हैं.'

'दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनेगा भारत'

USISPF की स्थापना के समय से ही अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे जॉन चैम्बर्स ने कहा कि 'अमेरिका और भारत के बीच मौजूदा तनाव अस्थायी है. हमारी 450 सदस्य कंपनियां भारत के भविष्य में पूरी तरह से शामिल हैं और बड़ा निवेश कर रही हैं. यह सभी कंपनियां भी इसे एक अल्पकालिक झटका मानती हैं. मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि बहुत जल्द ही भारत दुनिया का नंबर एक GDP बन जाएगा.' 

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'मेरे पास 11 यूनिकॉर्न और दो डेकाकॉर्न हैं'

चैंबर्स ने आगे यह भी बताया कि 'वह व्यक्तिगत रूप से भी भारत में अपने निवेश को लगातार बढ़ा रहे हैं.' उन्होंने कहा कि 'मैं अपने स्टार्टअप्स को और ज्यादा बढ़ा रहा हूं, इनमें भारत से 24 और मेरे पास 11 यूनिकॉर्न और 2 डेकाकॉर्न हैं, इन सभी की ग्रोथ काफी बेहतर है और ये अमेरिका-भारत का साथ मिलकर काम करने का ही नतीजा है.'

अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर भी बोले चैम्बर्स

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जॉन चैम्बर्स ने आगे कहा कि 'व्यापार वार्ता में समय तो लगता है. भारत और अमेरिका के ट्रेड डील पर अगर अपने बीते दो दिनों में नजर डाली होती, तो आप भारतीय नेताओं और अमेरिका के व्यापारिक नेताओं के इस नज़रिए को देखते कि हम साथ मिलकर क्या कर सकते हैं? 

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