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ईरान में फंसे नेपाली और श्रीलंकाई नागरिकों को भी सुरक्षित निकालेगा भारत, हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिखाई दरियादिली

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत सरकार ने बड़ा दिल दिखाया है. 'ऑपरेशन सिंधु' के तहत ईरान के युद्ध क्षेत्र से भारतीय नागरिकों के अलावा अब नेपाल और श्रीलंका के नागरिकों को भी उनके वतन वापसी कराई जाएगी. यह जानकारी ईरान की राजधानी तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास की तरफ दी गई है.

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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत ने ऑपरेशन सिंधु के तहत भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वतन वापसी कराने का सिलसिला शुरू कर दिया है. जिसके तहत भारतीय छात्रों और अन्य कर्मियों का 3 जत्था भारत पहुंच चुका है. सभी की सुरक्षित वापसी हुई है. ईरान सरकार ने अपने प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र को भारतीय नागरिकों के लिए विशेष तौर पर खोला है. बता दें कि कुल 1100 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वतन वापसी होनी है. इस बीच भारत ने अपना बड़ा दिल दिखाते हुए घोषणा की है कि वह नेपाल और श्रीलंका के नागरिकों को भी पड़ोसी देशों के औपचारिक अनुरोध के बाद उनके वतन वापसी कराएंगे. इसका उद्देश्य ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाना है. ईरान में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी एक पोस्ट में दोनों ही देशों के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. 

श्रीलंका और नेपाल के नागरिकों को भी सुरक्षित निकालेगा भारत

ईरान की राजधानी तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा है कि 'नेपाल और श्रीलंका की सरकारों के अनुरोध के जवाब में, ईरान में भारतीय दूतावास के निकासी प्रयासों में नेपाल और श्रीलंका के नागरिक भी शामिल होंगे. दूतावास की तरफ से इमरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबर जारी किया गया है. नेपाल और श्रीलंका के नागरिक इन इमरजेंसी लाइनों का इस्तेमाल कर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. दोनों देशों के लिए जारी नंबर कुछ इस प्रकार हैं . (+989010144557, +989128109115, +989128109109)

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भारतीय नागरिकों के लिए सरकार ने चलाया 'ऑपरेशन सिंधु'

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इजरायल से युद्ध के दौरान ईरान की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए हाई रिस्क वाले क्षेत्र से भारतीय नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया में काफी तेजी देखने को मिल रही है. ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की तरफ से युद्ध क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 'ऑपरेशन सिंधु' चलाया गया है. इसके तहत एक जत्था बुधवार को और 2 जत्था शनिवार की देर रात और सुबह दिल्ली पहुंचा है. सभी को ईरान की विशेष विमान तुर्कमेनिस्तान के अश्गाबात से दिल्ली लाया गया. भारत लाए गए अधिकतर नागरिक जम्मू-कश्मीर से हैं, जो वहां पर बतौर कर्मचारी और छात्र रह रहे थे.

ईरान में नेपाल के 16 नागरिक फंसे

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नेपाल विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 'ईरान में 16 और इजराइल में उसके 5500 नागरिक फंसे हुए हैं. इनमें ईरान ने उसके 5 नागरिकों को जेल में रखा है. इन पर अंतरारष्ट्रीय तस्करी के आरोप हैं. ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान नेपाल सरकार ने सबसे पहले खुद इन नागरिकों को निकालने की कवायद की थी, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई, जिसके बाद नेपाल सरकार ने भारत की मदद मांगी है. दूसरी तरफ श्रीलंका के कितने नागरिक ईरान में फंसे हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है.

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