Advertisement

Loading Ad...

भारत मिसाइल मार रहा था...हमारे पास न ताकत थी, ना S-400... PAK के झूठ का फूटा बुलबुला, नवाज शरीफ के करीबी ने खोली PAK फौज की पोल

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने इस ऑपरेशन में मिली शर्मनाक हार को भी जीत बताने की नाकाम कोशिश की. 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मारे गए सैनिकों को मेडल बांटे गए, मानो भारत ने नहीं, उन्होंने भारत को हराया हो. यही नहीं, आसिम मुनीर ने खुद को ‘फील्ड मार्शल’ घोषित करवा लिया और ‘हिलाल-ए-इम्तियाज’ जैसे सम्मान से खुद को नवाज भी लिया. पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार, पूर्व पीसीबी चेयरमैन और पंजाब के केयरटेकर मुख्यमंत्री रह चुके नजम सेठी ने समा टीवी पर अपने शो में सरकार और सेना की पोल खोल दी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना भारत की मिसाइलों को रोकने में पूरी तरह असफल रही. उनके मुताबिक, “हमारे पास न S-400 है, न आयरन डोम, न कोई ऐसी डिफेंस टेक्नोलॉजी जो भारतीय मिसाइलों को रोक सके. भारत ने जहां चाहा, वहां मारा और हम सिर्फ देखते रह गए.”

Image: PM Modi / Najam Sethi (File Photo)
Loading Ad...

भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुआ सैन्य टकराव इतिहास क पन्नों में लिखा जाएगा. हां अब इसे तोड़-मरोड़ कर पेश करना आतंकिस्तान के लिए मुश्किल हो जाएगा. 1948 से लेकर अब तक जितने भी युद्ध हुए हैं, पाकिस्तान ने अपने लोगों से झूठ ही बोला है, गलत बात बताई और उन्हें गुमराह किया. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. 21वीं सदी है, सोशल मीडिया का दौर है, हर हाथ में मोबाइल है, टीवी है, सैटेलाइट का दौर है. झूठ ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगा. वही हो भी रहा है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मार खाने के बाद पाक फौज और वहां की सरकार और अशराफिया ने जिस तरह अपनी हार, बर्बादी और तबाही को जीत बताने की कोशिश की और ऐसा माहौल बनाया जैसे किला फतह कर लिया है, अब उसका बुलबुला धीरे-धीरे फूटने लगा है. और इसे फोड़ा है पाकिस्तान के दिग्गज पत्रकार नजम सेठी ने. उन्होंने साफ कहा कि भारत मिसाइल मार रहा था और हमारे पास न उसे रोकने की क्षमता थी और न ही भारत के अंदर घुसकर मारने की ताकत.

भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस सैन्य टकराव में जहां भारतीय सेना ने जहां अपनी ताकत, रणनीतिक कौशल, सटीकता, स्ट्रैटेजी का उत्तम कौशल दिखाया वहीं,  पाकिस्तान ने इसे अपनी जीत बताकर दुनिया को गुमराह करने की कोशिश की. लेकिन कहते हैं न झूठ के पैर नहीं होते हैं, वो दो कदम चलकर दम तोड़ देता है, हो भी ऐसा ही रहा है. दरअसल पाकिस्तान के ही एक वरिष्ठ पत्रकार, पीसीबी के पूर्व चेयरमैन और पंजाब प्रांत के पूर्व केयर टेकर मुख्यमंत्री रहे नजम सेठी ने इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई और पाक आर्मी की नाकामी की पोल खोल कर रख दी है. उन्होंने समा टीवी पर आने वाले अपने टॉक शो में कहा कि भारत ने इस कार्रवाई में न केवल आतंकवादियों को निशाना बनाया, बल्कि पाकिस्तान के अंदर हमले कर तीनों सैनाओं की सैन्य क्षमताओं की भी कलई खोल दी. सेठी ने साफ कहा कि वो फौज जो खुद को दुनिया की सबसे अव्वल फौज और मुल्क की दिफा का झंडाबरदार बताती रही है, वो हिंदुस्तान के हमलों को रोकने में फेल रही है.

'हार को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही आर्मी'

Loading Ad...

उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर और वहां की सरकार इसे एक उपलब्धि के रूप में पेश कर रहे हैं. 7 से 10 मई के बीच चले संघर्ष में मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों को 14 अगस्त को मेडल देकर सम्मानित किया गया, मानो यह कोई जीत हो. लेकिन पाकिस्तान के ही वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी माने जाने वाले नजम सेठी ने इस झूठ का पर्दाफाश कर दिया है. पहले तो भारी तरह मार खाने के बावजूद आसिम मुनीर ने खुद को फील्ड मार्शल के रूप में प्रमोट करवा लिया फिर हिलला ए इम्तियाज से भी सम्मानित करवा लिया.

Loading Ad...

'हमारे पास न S-400, न ही आयरन डोम'

नजम सेठी ने समा टीवी पर प्रसारित एक चर्चा में यह स्वीकार किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सेना भारत की मिसाइलों का जवाब देने में पूरी तरह विफल रही. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के पास S-400 जैसे अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम नहीं हैं और न ही आयरन डोम जैसा कोई सुरक्षा कवच है, जिसके कारण भारतीय मिसाइलें आसानी से पाकिस्तान के वायुसेनाओं के अड्डों तक पहुंच गईं. उन्होंने आगे कहा कि उनकी मिसाइलें हमारे एयर बेस तक आराम से पहुंचीं. सेठी ने कहा कि पाक के पास ऐसी कोई एडवांस डिफेंस तकनीक नहीं है जो भारत के अंदर घुसकर मार कर सके और दुश्मन की तरफ से आने वाली मिसाइलों को रोक सके. ज्ञात हो कि भारत की मिसाइल ने पाकिस्तानी एयर डिफेंस  HQ-9 को तबाह कर दिया था, जिसे चीन ने दिया था

Loading Ad...

“भारत ने जहां चाहा, वहां हमला किया”

सेठी के अनुसार, “भारत ने अपनी मर्जी से जहां चाहा, वहां मिसाइलें दागीं और पाकिस्तान उन्हें रोकने में असमर्थ रहा. ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने रणनीतिक रूप से बढ़त हासिल की. अब पाकिस्तान को गंभीरता से यह सोचना चाहिए कि क्या उसके पास ऐसा कोई हथियार है जिससे वह भारत पर प्रभावी जवाबी हमला कर सके.”

पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी का एक इंटरव्यू क्लिप इन दिनों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. इस क्लिप में सेठी साफ तौर पर कहते नजर आ रहे हैं कि पाकिस्तान की सेना भारत को कोई ठोस या प्रभावी जवाब नहीं दे पाई. यही कारण है कि पाकिस्तान द्वारा की जा रही 'जीत' की घोषणाएं अब सवालों के घेरे में हैं. यह वीडियो ‘अनटोल्ड पाकिस्तान’ नामक एक सोशल मीडिया पेज द्वारा साझा किया गया है, जिसे अब लाखों लोग देख चुके हैं और उस पर प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं.

Loading Ad...

परमाणु हथियारों की गीदड़भभकी

सेठी ने अपने एक अन्य बयान में गीदड़भभकी दी और कहा कि अगर भारत ने लाहौर में प्रवेश किया, कराची पोर्ट पर नियंत्रण कर लिया या सिंधु जल संधि को समाप्त कर पानी की आपूर्ति रोक दी, तो पाकिस्तान परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा. यह चेतावनी केवल उनकी नहीं है—इससे पहले पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल आसिम मुनीर भी अमेरिका में भारत के खिलाफ न्यूक्लियर मिसाइल उपयोग की धमकी दे चुके हैं.

भारत की रही पूर्ण रूप से सैन्य और रणनीतिक बढ़त

Loading Ad...

सुरक्षा विशेषज्ञों की राय में, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने न केवल सैन्य बल्कि मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी बढ़त बना ली है. पाकिस्तान के पास न तो एयर डिफेंस के लिए आधुनिक उपकरण हैं और न ही मिसाइल को बीच में रोकने की तकनीक. इस सैन्य कमज़ोरी के चलते पाकिस्तान अब बार-बार परमाणु हथियारों की धमकी देकर अपनी स्थिति बचाने की कोशिश कर रहा है. यह असुरक्षा उसकी रणनीतिक विफलता को उजागर करती है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा भी बनती जा रही है.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थितियाँ और बिगड़ती हैं और पाकिस्तान को अपने अस्तित्व पर खतरा महसूस होता है, तो वह परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा, “अगर भारत लाहौर में प्रवेश करता है, कराची पोर्ट पर कब्ज़ा करता है या सिंधु जल समझौते को रद्द कर पानी रोक देता है, तो पाकिस्तान परमाणु हथियारों का प्रयोग कर सकता है. ये हथियार सजावट के लिए नहीं बनाए गए हैं.”

क्यों पड़ी ऑपरेशन सिंदूर की जरूरत?

Loading Ad...

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए आतंकी हमले में भारत ने करारा जवाब देने का फैसला लिया. 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की. पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले में भारत ने 26 आतंकियों को मार गिराया था, जिसकी जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी संगठन TRF ने ली थी.

यह भी पढ़ें

इसके जवाब में भारतीय सेना ने सीमा पार पाकिस्तान और पीओके में घुसकर कुल 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी. शुरुआत में पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज किया, लेकिन अब नजम सेठी जैसे प्रमुख पत्रकारों की बातों से सच्चाई सामने आ गई है.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...