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अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा, विदेश मंत्रालय ने कहा- रमजान में खूनखराबा कायराना हरकत
भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में हुए इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों की जान गई.
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अफगानिस्तान की धरती पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों को लेकर भारत ने तीखी निंदा जताई है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं को छिपाने की कोशिश है. भारत ने दोहराया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता का पूरा समर्थन करता है.
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया कि रमजान के पवित्र महीने में किए गए इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों की जान गई है. भारत ने इसे बेहद चिंताजनक बताया और कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है. बयान में यह भी जोड़ा गया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है.
डूरंड लाइन के पास हुई हवाई कार्रवाई
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यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब रविवार तड़के पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के भीतर डूरंड लाइन के आसपास कई ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की. पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि यह कार्रवाई तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के ठिकानों को निशाना बनाकर की गई. पाकिस्तान का कहना है कि इस हमले में 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए. हालांकि दूसरी तरफ अफगान तालिबान प्रशासन ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया. तालिबान के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि नांगरहार और पक्तिका प्रांत में धार्मिक मदरसों और रिहायशी इलाकों पर मिसाइलें दागी गईं, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक मारे गए या घायल हुए.
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पक्तिका और मरघा में धमाकों में हुआ धमाका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में तड़के एक के बाद एक कई विस्फोट हुए. मरघा इलाके में भी धमाकों की खबरें सामने आईं. बरमल के बनूसी मदरसे पर भी मिसाइल हमले की बात कही जा रही है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक हमलों के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और राहत कार्य शुरू किए गए. जानकारी देते चलें कि इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है. डूरंड लाइन लंबे समय से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद का विषय रही है. ऐसे में सीमा पार हवाई हमले ने दोनों देशों के संबंधों को और संवेदनशील बना दिया है. अफगानिस्तान की ओर से इन हमलों का बदला लेने की चेतावनी भी दी गई है, जिससे हालात और जटिल हो सकते हैं.
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बताते चलें कि भारत की प्रतिक्रिया को दक्षिण एशिया की कूटनीति में अहम माना जा रहा है. भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी तरह की हिंसक कार्रवाई का समर्थन नहीं करता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी. फिलहाल क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.