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पाकिस्तान को झटका! इस मुस्लिम देश के और करीब आया भारत, दोस्ती मजबूत करने पहुंची नेवी, क्या है मायने?

इंडियन नेवी ने मुस्लिम देश इंडोनेशिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. जो दोनों देशों के बीच के रिश्तों को और मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम है.

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भारत अपनी तटस्थ नीति और सकारात्मक सोच के साथ दुनिया के दिलों में जगह बना रहा है. अब भारत वहां भी पहुंच गया जहां पाकिस्तान की नजर थी. भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के समुद्री जहाजों ने मुस्लिम देश इंडोनेशिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. जो दोनों देशों के बीच के रिश्तों को और मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम है. 

इस यात्रा के अंतर्गत भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन हाल ही में इंडोनेशिया के बेलावन बंदरगाह पहुंचा था. इस दौरे का मकसद भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करना और आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाना था. 

इंडोनेशिया में तीन दिन क्या है नेवी का प्लान? 

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रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि नौसेना के इस स्क्वाड्रन में INS तीर, शार्दुल, सुजाता शामिल रहे. वहीं भारतीय तटरक्षक बल का समुद्री जहाज आईसीजीएस सारथी इस यात्रा में शामिल रहा. तीन दिन की इस यात्रा के दौरान भारतीय और इंडोनेशियाई नौसेनाओं के बीच कई तरह की गतिविधियां हुईं. दोनों देशों के नौसैनिकों ने आपस में बातचीत की, एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और खेलकूद के जरिए दोस्ती को नई ऊंचाइयां दी. 

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प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन टीजो के. जोसेफ ने यहां इंडोनेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान समुद्री सुरक्षा, सहयोग और क्षेत्रीय हितों जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ. इंडोनेशिया में एक विशेष स्वागत समारोह भी रखा गया, जिसमें इंडोनेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और भारत के वाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. यह मौका आपसी समझ और भरोसे को और गहरा करने का रहा. 

आपसी तालमेल और भाईचारे को मिली मजबूती

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भारतीय नौसेना के प्रशिक्षु अधिकारियों को इंडोनेशियाई नौसेना की सुविधाएं दिखाई गईं, ताकि वे वहां के कामकाज को करीब से समझ सकें. इसके अलावा, दोनों देशों के नौसैनिकों ने साथ मिलकर कई खेल और योगाभ्यास भी किया. जिससे आपसी तालमेल और भाईचारा और मजबूत हुआ. वहीं, इस दौरान भारतीय जहाजों को इंडोनेशियाई स्कूली बच्चों के लिए खोला गया. छात्रों ने भारतीय जहाजों को देखकर काफी उत्साह दिखाया और यह दौरा उनके लिए यादगार बन गया. 

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कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति और महासागर दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम रही. इससे न सिर्फ भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते मजबूत हुए, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और सहयोग का संदेश भी गया. जबकि दूसरी ओर पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए यह कदम एक झटके की तरह है जो खुद कर्जे पर पल रहा है लेकिन पड़ोसी भारत इंडोनेशिया संग करीबी बढ़ा रहा है. 

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