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ईरान में भारत का 'ऑपरेशन सिंधु' जारी... 290 भारतीयों का जत्था दिल्ली पहुंचा, लोगों ने कहा सरकार के लिए 'शुक्रिया' शब्द बहुत छोटा

ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंधु ज़रिए लगातार भारत के लोगों को सुरक्षित निकाल रही है. इस अभियान के तहत शुक्रवार रात 290 भारतीय नागरिकों को लेकर एक विशेष विमान ईरान से भारत पहुंचा. इन यात्रियों में कई छात्र, कामकाजी लोग और उनके परिजन शामिल थे, जो संघर्ष के बीच लगातार बढ़ते खतरे के कारण तनाव में थे

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ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक विशेष राहत अभियान ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है. इस अभियान के तहत शुक्रवार रात 290 भारतीय नागरिकों को लेकर एक विशेष विमान ईरान से भारत पहुंचा. अपने देश की सरजमीं पर कदम रखते ही इन लोगों और उनके परिजनों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी. सुरक्षित वापसी पर इन नागरिकों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के लिए आभार जताया. बता दें के तहत इससे पहले 17 जून को 110 भारतीय छात्रों के पहले दल को सुरक्षित भारत लाया गया था.

दरअसल, ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष जब भीषण होता गया, तब भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पर ज़ोर देना शुरू किया. इसके बाद विशेष अभियान को शुरू किया गया. शुक्रवार की निकासी के बाद शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे एक और विशेष विमान 56 भारतीयों को लेकर  दिल्ली पहुंचा. इन यात्रियों में कई छात्र, कामकाजी लोग और उनके परिजन शामिल थे, जो संघर्ष के बीच लगातार बढ़ते खतरे के कारण तनाव में थे. भारत लौटे एक यात्री, जो कश्मीर से हैं, ने बताया कि ईरान में इजरायली मिसाइल हमलों के कारण पिछले 10 दिनों से ठीक से नींद नहीं आई थी. उन्होंने कहा, "हमारी बिल्डिंग के पास मिसाइल गिरी थी. हम बहुत डर गए थे. कुछ इंडियन स्टूडेंट्स भी जख्मी हुए, हालांकि अब वे भी ठीक हैं और हमारे साथ लौटे हैं. भारत सरकार ने समय पर जो कदम उठाया, उसके लिए हम शुक्रगुजार हैं."

ईरान में कैसा है माहौल, लोगों ने बताया आंखो देखा मंजर 
भारत सरकार के ऑपरेशन सिंधु अभियान के तहत सुरक्षित स्वदेश लौटे नागरिकों ने भावुक लहजे में अपनी आपबीती सुनाई. पहले तो उन्होंने भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की खुलकर सराहना की और कहा कि संकट की घड़ी में सरकार ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया. ईरान से लौटे कई लोगों ने बताया कि इजरायली हमलों के कारण वहां भारी अफरातफरी का माहौल है. सभी के मन में डर का माहौल है, लेकिन जैसे ही उन्हें निकासी अभियान की सूचना मिली, उन्हें राहत महसूस हुई. दिल्ली एयरपोर्ट पर जैसे ही वे पहुंचे, उनके परिवारवालों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और भावुक होकर 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा' के नारे लगाए.

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करनाल (हरियाणा) और यूपी से लौटे जायरीनों ने बताया कि वह इस कठिन समय में सुरक्षित अपने घर पहुंचकर बेहद भावुक हैं. एक मुस्लिम पिता ने अपनी बेटी के सकुशल लौटने पर कहा, "अगर मैं खुद ईरान में होता, तो भी शायद उसे इतनी सुरक्षित और बेहतरी से वापस नहीं ला पाता, जितनी कुशलता से भारत सरकार ने यह कार्य किया है." एक छात्रा ने बताया कि "जहां अन्य देशों के छात्र अभी भी तेहरान में फंसे हुए हैं, वहीं भारतीय छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर वापस लाया जा रहा है. मुझे गर्व है कि मैं भारतीय हूं। इंडियन एंबेसी ने हमें भरोसा दिया था कि हम सुरक्षित लौटेंगे और हमें उन पर पूरा भरोसा था." वहीं ईरान में रहकर पढ़ाई कर रही एक अन्य छात्रा ने वहां के हालात पर कहा, "ईरान में धर्म या राष्ट्रीयता के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता. वहां महिलाओं को पूरा सम्मान मिलता है और लोग बहुत शांति से जीवन जी रहे हैं."

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बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए राहत अभियानों से न सिर्फ छात्र और जायरीन सुरक्षित घर लौटे हैं, बल्कि उनके साथ जुड़े परिजनों के चेहरों पर भी सुकून लौट आया है. ऑपरेशन सिंधु भारतीय विदेश नीति की मानवीय संवेदनशीलता और संकट काल में त्वरित प्रतिक्रिया का प्रमाण बन गया है.

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