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भारत ने फिर मनवाया अपना लोहा, 88 देशों ने 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन AI Impact' पर किए हस्ताक्षर, जानें इसका मतलब
भारत की अध्यक्षता में आयोजित पांच दिवसीय 'इंडिया AI Impact समिट' में भारत ने फिर अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है. भारत की कोशिशों को बड़ी सफलता मिली है. करीब 88 देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन एआई इम्पैक्ट' पर हस्ताक्षर किए हैं.
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टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और AI के क्षेत्र में भारत ने झंडे गाड़ दिए हैं. भारत की अध्यक्षता में हुई पांच दिवसीय 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' (India AI Impact Summit) इतिहाज में दर्ज हो गई. कई दिनों और विभिन्न सत्रों में हुई चर्चा के बाद 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन एआई इम्पैक्ट' को सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया. अमेरिका, चीन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन सहित 88 देशों और कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए.
भारत ने लीडरशिप का मनवाया लोहा!
इसके साथ ही भारत ने अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है. इससे पहले 2023 G-20 समिट में भी विभिन्न प्रतिद्वंदी देशों और रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन पर सहमति बनाने में कामयाब रहा था. ये एक ऐतिहासिक घटना थी क्योंकि इस पर रूस-चीन-कनाडा-अमेरिका-ब्रिटेन सहित तमाम देशों को एकमत करने में हिंदुस्तान को सफलता मिली थी.
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नई दिल्ली घोषणापत्र पर 88 देशों ने किए हस्ताक्षर!
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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाने के साथ हुआ, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इस घोषणापत्र को 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जो आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए एआई का लाभ उठाने पर व्यापक वैश्विक सहमति को दर्शाता है.
'नई दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन AI Impact' में क्या है?
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'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सभी के लिए कल्याण, सभी के लिए सुख) के सिद्धांत से प्रेरित यह घोषणापत्र इस बात पर जोर देता है कि एआई के लाभों को मानवता के सभी वर्गों में समान रूप से साझा किया जाना चाहिए.
यह घोषणापत्र अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और बहु-हितधारक सहभागिता को सुदृढ़ करने, राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने, और सुलभ और विश्वसनीय ढांचों के माध्यम से एआई को आगे बढ़ाने के बिंदुओं पर बल देता है.
'नई दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन AI Impact' के चार बिंदु!
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इस घोषणापत्र को सात प्रमुख स्तंभों के इर्द-गिर्द संरचित किया गया है, जो वैश्विक एआई सहयोग की नींव बनाते हैं. इसमें एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, आर्थिक विकास और सामाजिक हित, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई, विज्ञान के लिए एआई, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पहुंच, मानव पूंजी विकास और लचीली, कुशल और नवोन्मेषी एआई प्रणालियां शामिल हैं.
एआई समिट ने स्वैच्छिक, सहयोगात्मक वैश्विक पहलों की एक श्रृंखला प्रस्तुत की, जिनमें एआई के लोकतांत्रिक प्रसार के लिए चार्टर, वैश्विक एआई प्रभाव कॉमन्स, विश्वसनीय एआई कॉमन्स, विज्ञान संस्थानों के लिए एआई का अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एआई प्लेटफॉर्म, एआई कार्यबल विकास प्लेबुक और पुनर्कौशलीकरण सिद्धांत और लचीले और कुशल एआई पर मार्गदर्शक सिद्धांत शामिल हैं.
घोषणापत्र में आर्थिक परिवर्तन को गति देने में एआई की भूमिका, ओपन-सोर्स और सुलभ एआई इकोसिस्टम का महत्व, ऊर्जा-कुशल एआई बुनियादी ढांचे की आवश्यकता और विज्ञान, शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में एआई की भूमिका का विस्तार पर प्रकाश डाला गया है.
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प्रतिभागियों ने एआई शासन में साझा वैश्विक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, स्वैच्छिक, गैर-बाध्यकारी ढांचों को बढ़ावा देने और निरंतर सहयोग के माध्यम से दृष्टिकोण को कार्रवाई में बदलने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की. एआई समिट से दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा मिलने और एआई को आर्थिक विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करने की उम्मीद है.