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'पाकिस्तानियों-बांग्लादेशियों के लिए नहीं है भारत की भूमि…', घुसपैठियों पर बरसे बंगाल BJP के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार

गृह मंत्रालय की ओर से भारत में रह रहे बांग्लादेश और म्यांमार के घुसपैठियों की पहचान करने के निर्देश दिए है. जिससे इनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जा सके. इसपर पश्चिम बंगाल से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि यदि वे अवैध रूप से रह रहे हैं तो उन्हें हटाया जाना चाहिए.

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भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों की पहचान करने के संबंध में गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को दिए गए निर्देश पर पश्चिम बंगाल के भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि भारत की भूमि भारत के नागरिकों के लिए है. यहां पर अवैध रूप से रह रहे नागरिकों को उनके देश वापस भेजना चाहिए. गृह मंत्रालय ने जो निर्देश दिया है वह बिल्कुल सही है.

‘यदि अवैध रूप से रह रहे, तो उन्हें हटाया जाए’ 
सुकांत मजूमदार नेकहा कि जब से नया कानून, विदेशी अधिनियम पारित हुआ है, तब से गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों के संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि यदि वे अवैध रूप से रह रहे हैं तो उन्हें हटाया जाना चाहिए. हर राज्य को ऐसा करना चाहिए. भारत की भूमि भारत के लोगों के लिए है. भारत की भूमि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेशी नागरिकों के लिए नहीं है. इसीलिए, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं उन्हें उनके देश में वापिस भेजना चाहिए.

‘क्रिकेट भारत के बिना अधूरा है’
दूसरी ओर एशिया कप से भारत के हटने की अटकलों पर सुकांत मजूमदार ने कहा कि क्रिकेट भारत के बिना अधूरा है. एशिया कप में कौन खेलेगा कौन नहीं खेलेगा यह दूसरी बात है. भारत नहीं खेल रहा है, पाकिस्तान खेलेगा कि नहीं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है.

घुसपैठियों के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय सख़्त
बता दें कि भारत का केंद्रीय गृह मंत्रालय बांग्लादेशी और म्यांमार के घुसपैठियों के खिलाफ और ज़्यादा सख्त हो गया है. मंत्रालय ने घुसपैठियों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 दिन की समय सीमा निर्धारित की है. गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि सभी राज्यों को अपनी वैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए घुसपैठियों की पहचान करनी होगी और उनकी जांच के बाद निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी. इसके साथ ही, हर राज्य को जिला स्तर पर पर्याप्त डिटेंशन सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया गया है, जहां संदिग्ध प्रवासियों को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक रखा जाएगा. इन केंद्रों में उनकी बायोमेट्रिक जानकारी भी ली जाएगी जिससे  आगे भी ये लोग किसी तरह की धोखाधड़ी न करें. BSF और असम राइफल्स जैसे सुरक्षा बलों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है जिससे सीमाओं पर अवैध घुसपैठियों पर नजर रखी जा सके. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में कहा कि जिन लोगों पर संदेह है कि ‘वो घुसपैठिए हैं, उनके दस्तावेजों का वेरिफिरेशन 30 दिन के भीतर होना जारूरी है. यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक होने का दावा करता है, तो उस राज्य की सरकार का दायित्व होगा कि वो उसकी पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी एकत्र करनी होगी.’
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