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भारत ने चीन की टेंशन बढ़ाई... पड़ोसी देश को भेजने जा रहा 'ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल' की तीसरी खेप, 'ऑपरेशन सिंदूर' में दिखी थी इसकी पावर

भारत ने चीन की टेंशन बढ़ा दी है. खबरों के मुताबिक, भारत 'ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल' की तीसरी खेप चीन के पड़ोसी मुल्क को भेजने जा रहा है. दोनों देशों के बीच यह डील साल 2022 में 375 मिलियन डॉलर में हुई थी.

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चीन के साथ बेहतर हो रहे रिश्तों के बीच भारत ने उसके लिए एक बड़ी टेंशन खड़ी कर दी है. 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत के 'ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज' मिसाइलों ने जिस तरीके से पाकिस्तान के छक्के छुड़ाए थे, उसे पूरी दुनिया ने देखा. भारत ने कुछ ही दिनों के अंदर पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया. इस बीच भारत 'ब्रह्मोस मिसाइल' की तीसरी खेप चीन के पड़ोसी मुल्क फिलीपींस को भेजने जा रहा है. जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ सालों से दक्षिण सागर में तनाव बढ़ा हुआ है. इस पश्चिम सागर पर चीन अपना हक जमाता है. इस वजह से अमेरिका और  अन्य देशों से कई बार उसका विवाद हो चुका है. ऐसे में भारत से 'ब्रह्मोस मिसाइल' की खरीदारी कर फिलिपींस किसी भी खतरे से निपटने के लिए इन मिसाइलों को अपने तटीय क्षेत्रों पर तैनात करेगा. ऐसे में देखा जाए, तो भारत ने चीन की टेंशन बढ़ा दी है. 

'पहली और दूसरी खेप चीन को भेजा गया था '

जानकारी के लिए बता दें कि 2024 की शुरुआत में भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की पहली और दूसरी खेप चीन को भेजी थी. वहीं तीसरी खेप उसके पड़ोसी मुल्क फिलिपींस को भेजने जा रहा है. इस हथियार को लेकर भारत और फिलिपींस के बीच साल 2022 में 375 मिलियन डॉलर का करार हुआ था. 

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ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ का बयान आया सामने 

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ब्रह्मोस एयरोस्पेस संयुक्त उद्यम के सीईओ और प्रबंध निदेशक जयतीर्थ जोशी ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया है कि 'रॉकेट तैयार है और हम उन्हें समय पर डिलीवर कर देंगे.'

क्या है ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की ताकत? 

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बता दें कि ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक मिसाइल है. जो ध्वनि की गति से भी तेज उड़ान भरती है. इससे दुश्मनों को रडार को ट्रैक करने में काफी मुश्किल आती है और यह लक्ष्य को भेदने में कामयाब रहती है. इसकी सबसे बड़ी ताकत है कि इसे एक बार लॉन्च किए जाने के बाद किसी इंसान के इनपुट की जरूरत नहीं पड़ती है. इस मिसाइल की रेंज की बात करें, तो यह 290 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता रखती है. हालांकि, अब इसकी रेंज को बढ़ा दिया गया है. ऐसे में यह अब 450 से 800 किलोमीटर तक दुश्मनों के घर में घुसकर किसी भी हमले को अंजाम दे सकती है. 

'ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल' ने पाकिस्तान को किया था तबाह 

बता दें कि भारत ने इन्हीं मिसाइलों के जरिए हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' में रावलपिंडी सरगोधा, भोलारी और नूर खान जैसे एयरबेस को निशाना बनाया था. दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान पर जिस तरह से कहर बरपाया, उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. इसने 100 घंटे की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को जिस तरह से ध्वस्त किया, उसके बाद पीएम मोदी ने खुद कहा कि इस मिसाइल ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की 'रातों की नींद हराम' कर दी.

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ब्रह्मोस को रडार से पकड़ना मुश्किल 

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मिसाइल विशेषज्ञ राणे ने बताया कि 'ब्रह्मोस एक मिसाइल नहीं, बल्कि 'हिटाइल' है, यानि खतरनाक तरीके से हिट करने वाला. इसकी गति ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है. यह बहुत तेज है. हम सालों से इसमें कई सुधार कर रहे हैं और बात यह है कि यह अपने काम के हिसाब से बहुत ही स्लिप मिसाइल है. इसका रडार क्रॉस सेक्शन भी काफी कम है. RCS का मतलब है कि रडार किसी चीज को कितनी आसानी से देख सकता है. ब्रह्मोस का RCS कम होने से यह रडार को धोखा दे सकती है. इसलिए दुश्मन को पता भी नहीं चलेगा और यह हमला कर देगी. ब्रह्मोस की तेजी दुनिया की सबसे खतरनाक हथियारों में से एक बनाती है. यह भारत की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.'

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