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'भारत एक ग्रेट कंट्री, मेरे अच्छे दोस्त...', जब ट्रंप ने PM मोदी की तारीफ की...शहबाज शरीफ से हामी भी भरवाई!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त है. उन्होंने शानदार काम किया है." उन्होंने इस दौरान भारत और पाकिस्तान के अच्छे से रहने की उम्मीद भी जताई.

Trump Praises PM Modi in Egypt
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मिस्र में हुए गाजा शांति शिखर सम्मेलन में भारत और प्रधानमंत्री मोदी की खूब तारीफ की. इतना ही नहीं उन्होंने अपने बयान के दौरान पीछे खड़े पाक पीएम शहबाज़ शरीफ से हामी भी भरवाई. दक्षिण एशिया की वास्तविक वस्तुस्थिति से शायद अंजान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और पाकिस्तान अब अच्छे से रहेंगे. इसके बाद वो पीछे मौजूद शहबाज़ से पूछा, "है ना?"

इस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपनी सहमति में सिर हिलाया और हां में जवाब दिया. इससे समिट हॉल में मौजूद तकरीबन 20 देश के नेताओं और मीडिया की भी हंसी छूट गई और माहौल थोड़ा हल्का हो गया. अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

ट्रंप ने की भारत की तारीफ!

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त है. उन्होंने शानदार काम किया है." उन्होंने इस दौरान भारत और पाकिस्तान के अच्छे से रहने की उम्मीद भी जताई.

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पाकिस्तान के रोल पर शंकित नजर आए ट्रंप!

आपको बता दें कि इजरायली बंधकों की रिहाई के बीच हो रहे शिखर सम्मेलन की ट्रंप और मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सिसी कर रहे थे. ट्रंप ने इस दौरान पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को भी मनाने की कोशिश की और कहा कि क्षेत्रीय शांति अच्छे मित्रों के अच्छे कामों पर ही निर्भर करती है. हालांकि ऐसा लगा जैसे उन्होंने इसमें पाकिस्तान के रोल को लेके कुछ अंदेशा था, इसलिए वो पीछे मुड़े और शहबाज़ शरीफ की तरफ इशारा करते हुए तंजिया लहजे में पूछा और चुटकी भी ली, कहा, "वह इसको संभव बनाने में मदद करेंगे, है ना?"

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ट्रंप की तारीफ में बिछ गए शहबाज!

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की तारीफ की. वहीं शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप की तारीफ में कसीदे पढ़े. ऐसा लगा जैसे कोई मुल्क का प्रधानमंत्री नहीं बल्कि कोई कर्मचारी अपने मैनेजर की तारीफ कर रहा हो और टीम की सक्सेस का श्रेय भर-भर कर दे रहा हो, बदले में प्रमोशन-पर्क चाह रहा हो. मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया. वहां दुनिया और क्षेत्रीय शांति की बात करने की बजाय वो लगे ट्रंप को मनाने. अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोकने के लिए ट्रंप को श्रेय दिया. उन्होंने कहा, "अगर यह सज्जन अपनी अद्भुत टीम के साथ उन चार दिनों के दौरान हस्तक्षेप न करते तो दोनों परमाणु देशों के बीच युद्ध उस स्तर तक बढ़ सकता था जहां कोई भी यह बताने के लिए जीवित नहीं बचता कि क्या हुआ." 

ट्रंप ने फिर अलापा मध्यस्थता का राग!

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वहीं इजरायल में अपने भाषण में ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का राग अलापा और सीजफायर का क्रेडिट खुद को दिया. उन्होंने इजरायली संसद नेसेट में अपने भाषण के समापन में दावा किया कि वो अब तक आठ जंगों को रोक चुके हैं, जिनमें से हाल में हुए भारत-पाक वाला जंग एक है. हालांकि पीएम मोदी ने संसद के पटल से साफ कर दिया था कि इस विवाद के अंत में किसी भी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी और ना ही भारत ने कभी भी इसको स्वीकार किया है और ना ही कभी करेगा. भारत ने तब से लेकर आज तक, बार-बार स्पष्ट कर दिया है कि यह समझौता दोनों सेनाओं के DGMO की बातचीत के बाद हुआ. इसमें किसी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं रहा.

मिस्र शांति सम्मेलन में रही भारत की मौजूदगी!

आपको बताएं कि मिस्र में हुए गाजा शांति शिखर सम्मेलन में भारत की भी मौजूदगी रही. भारत की तरफ से इस सम्मेलन में विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह देश का प्रतिनिधित्व किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मिस्त्र के राष्ट्रपति ने सम्मेलन के लिए न्योता भेजा था. जिसके बाद कीर्ति वर्धन सिंह को पीएम के विशेष दूत के रूप में भेजा गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने X (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि भारत इस ऐतिहासिक शांति समझौते का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि यह क्षेत्र में स्थायी शांति लाएगा.

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हो गई इजरायली बंधकों की रिहाई!

गौरतलब हो कि गाजा में संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'पीस प्लान' के पहले चरण पर इजरायल और हमास ने मुहर लगाई. इसके तहत हमास के कब्जे में मौजूद सभी इजरायली बंधकों की रिहाई हो गई है. रेड क्रॉस ने उन्हें इजरायली सेना को सौंपा. 

पीएम मोदी ने की ट्रंप के शांति प्रयासों की तारीफ

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इस पर प्रधानमंत्री मोदी की भी बीती रात प्रतिक्रिया सामने आई. उन्होंने शांति को लेकर ट्रंप के ईमानदार प्रयासों और नेतन्याहू के संकल्प की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, “हम दो साल से ज्यादा समय तक बंधक बनाए गए सभी बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हैं. उनकी आजादी उनके परिवारों के साहस, राष्ट्रपति ट्रंप के अटूट शांति प्रयासों और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है." पीएम मोदी ने आगे लिखा, "हम क्षेत्र में शांति लाने के राष्ट्रपति ट्रंप के ईमानदार प्रयासों का समर्थन करते हैं

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