Advertisement

Loading Ad...

ट्रंप की 'धमकियों' को भारत ने दिखाया ठेंगा, एस जयशंकर ने पुतिन से की मुलाकात, रूस के साथ तेल-परमाणु उर्जा समेत अन्य व्यापार बढ़ाने पर सहमति

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है. माना जा रहा है कि विदेश मंत्री ने भारत-रूस संबंधों को और विस्तारित करने के तरीकों पर चर्चा की है.

Loading Ad...

विदेश मंत्री एस जयशंकर की यह बैठक रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ व्यापक वार्ता के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बढ़ाने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया. इससे दो हफ्ते पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने पुतिन से मुलाकात की थी. ये दोनों मुलाकातें अमेरिका के भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद हुई हैं.

विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलने दौड़े-दौड़े आए पुतिन 

भारत और रूस के बीच संबंध किस स्तर के हैं, वो किसी से छिपी नहीं है. लेकिन ट्रंप की टैरिफ धमकियों, मनमानी और जुर्माने ने दोनों देशों को और करीब ला दिया है. मॉस्को में कई दिनों से उच्च स्तर की बैठकें हो रही हैं. इसी सिलसिले में विदेश मंत्री एस जयशंकर क्रेमलिन गए थे, जहां उनकी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात हुई. इस दौरान पुतिन जिस गर्मजोशी और जोश के साथ मिलने आए वो अब वायरल हो रहा है. पुतिन मुलाकात कक्ष में दौड़े-दौड़े आते हैं, दोनों बाहें फैलाकर स्माइल करते हैं और फिर पूरे डेलिगेशन से हाथ मिलाते हैं, खूब बातें करते हैं. जिस तरह भारत ने अपने लॉन्ग लास्टिंग दोस्त के लिए स्टैंड लिया है, वो मील का पत्थर साबित होने वाले हैं.

Loading Ad...

इस वर्ष के अंत में भारत यात्रा पर पुतिन 

Loading Ad...

जयशंकर ने बुधवार को रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ व्यापक वार्ता की, जिसमें इस वर्ष के अंत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए पुतिन की भारत यात्रा की तैयारियों पर ध्यान दिया गया. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं.

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 19 से 21 अगस्त तक रूस का दौरा किया और भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता की. इस दौरे में उन्होंने रूसी नेताओं, विद्वानों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रास्ता साफ हुआ.

Loading Ad...

पुतिन से मुलाकात के बाद बोले एस जयशंकर 

रुसी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद एस जयशंकर ने कहा, "मैंने उन्हें प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हुई अपनी चर्चाओं से अवगत कराया. वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं." आगे उन्होंने कहा, "मैं वैश्विक स्थिति और यूक्रेन के हालिया घटनाक्रम पर उनके साझा दृष्टिकोण की सराहना करता हूं."

यह भी पढ़ें

पुतिन के साथ बैठक से पहले जयशंकर ने प्रेस वार्ता में कहा, "हमारा मानना है कि भारत और रूस के बीच संबंध द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के सबसे प्रमुख संबंधों में से एक रहे हैं. भू-राजनीतिक समन्वय, नेतृत्व के बीच आपस में संपर्क और लोकप्रिय भावना इसके प्रमुख मुख्य प्रेरक तत्व बने हुए हैं." विदेश मंत्री मंगलवार को मॉस्को पहुंचे, क्योंकि नवंबर या दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा होनी है और इसके लिए विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा सके.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...