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CAA, Ram Mandir पर बोलने वाले Pakistan को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने धो डाला
पाकिस्तान अब भारत को मानवधिकार, लोकतंत्र और नैतिक अधिकार का पाठ पढ़ाने चला है । ये सुनकर भी बड़ा अजीब लग रहा है। ये तो बिल्कुल ‘सौ चुहे खाकर बिल्ली चली हज पर’ जैसा है ।लेकिन पाकिस्तान को उसी की ज़ुबान में भारत की बेटी ने भी करारा जवाब दिया है। जिसके बाद पाकिस्तान की बोलती ही बंद हो गई है।
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पाकिस्तान एक ऐसा देश जिसका नाम हमारे कानों में पड़ते ही आतंकवाद, भुखमरी, अराजकता, जैसी तस्वीरें हमारे दिमाग़ में घुमने लगती है। पाकिस्तान जो आतंकियों को अपने यहां पनाह देता है । पालता है, सींचता है और फिर उन्हें भारत के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करता है। जिनका मानवता से कोई लेना देना नहीं है, लोकतंत्र को वहाँ कुचला जाता है, आतंकियों को ढाल बनाकर जो देश अपने पड़ोसियों पर पीछे से वार करता है । वो पाकिस्तान अब भारत को मानवधिकार, लोकतंत्र और नैतिक अधिकार का पाठ पढ़ाने चला है। ये सुनकर भी बड़ा अजीब लग रहा है। ये तो बिल्कुल ‘सौ चुहे खाकर बिल्ली चली हज पर’ जैसा है।लेकिन पाकिस्तान को उसी की ज़ुबान में भारत की बेटी ने भी करारा जवाब दिया है । जिसके बाद पाकिस्तान की बोलती ही बंद हो गई है।
पाकिस्तान एक ऐसा पड़ोसी मुल्क है जिसे दूसरों के घरों में झांकने आदत है। और ख़ासकर भारत के साथ तो ये सौतन बना रहता है। पाकिस्तान को जितनी चिंता अपने देश को लेकर नहीं होती, उससे कई ज़्यादा चिंतित भारत को लेकर रहता है।और इसका एक लंबा इतिहास है। भारत में ताकने-झांकने की पाकिस्तान की पुरानी आदत है।और जब भी विश्व मंच पर पहुँचता है तो भारत का राग अलापने लगता है। कभी कश्मीर के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करता है, तो कभी भारत के ख़ुफ़िया एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाता है। वहीं, हर बार विश्व मंच पर ख़ुद की बेइज़्ज़ती भी करता है। लेकिन फिर भी अपनी आदत से बाज नहीं आता। जी हाँ, पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत से पंगा लेने की कोशिश की है, जिसका मुंहतोड़ जवाब भारत की राजदूतक बेटी रूचिरा कंबोज ने दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने पाकिस्तान को सख़्त लहजे में जवाब देते हुए कहा कि
"मानवाधिकार और लोकतंत्र जैसे मुद्दों पर उसको बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है। पाकिस्तान का इन सभी पहलुओं पर ‘सबसे संदिग्ध ट्रैक रिकॉर्ड’ रहा है।"
आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान के मुनीर अकरम की ओर से कश्मीर, नागरिकता अधिनियम और राम मंदिर के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए भारत को घेरने की कोशिश की गई थी। इसी का जवाब रुचिरा कंबोज ने पाकिस्तान को दिया है।कंबोज ने ‘कल्चर ऑफ पीस’ पर भाषण देते हुए देते हुए कहा,
'हम इस चुनौतीपूर्ण समय के बीच शांति की संस्कृति विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं, हमारा ध्यान रचनात्मक बातचीत पर है। ऐसे में हमने एक खास प्रतिनिधिमंडल की टिप्पणियों को अलग रखने का फैसला किया है, जिसमें न केवल शिष्टाचार की कमी है, बल्कि उनकी विनाशकारी और हानिकारक प्रकृति से हमारे सामूहिक प्रयासों में भी अड़चन आती है।'
कंबोज ने आगे कहा- 'सदस्य देशों के लिए शांति की वास्तविक संस्कृति को बढ़ावा देने और दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने के लिए सक्रिय रूप से मिलकर काम करना आवश्यक है लेकिन आतंक इसमें बड़ी अड़चन है। आतंकवाद शांति की संस्कृति और सभी धर्मों की मूल शिक्षाओं का सीधा विरोध है, जो करुणा और सहअस्तित्व की वकालत करते हैं। यह शत्रुता पैदा करता है और सद्भाव के सार्वभौमिक मूल्यों को कमजोर करता है, जो दुनियाभर में सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को रेखांकित करते हैं। हमारा क्या उस देश से यह पूछना बहुत ज्यादा है, जो अपने आप में सभी पहलुओं पर सबसे संदिग्ध ट्रैक रिकॉर्ड रखता है?
तो इस तरह से रुचिरा कंबोज ने पाकिस्तान को उसकी औक़ात दिखाते हुए मानवधिकार, लोकतंत्र और नैतिकता का पाठ पढ़ाया है।और ये बताया है कि पाकिस्तान को सबसे पहले तो ख़ुद के गिरेबां में झांकने की ज़रूरत है.। क्योंकि पिछले कुछ दिनों से जब से भारत में लोकसभा चुनाव चल रहा है। तब से पाकिस्तान भारत के इंटरनल मामले में भी कुछ ज़्यादा ही दिलचस्पी दिखाने लगा है। कभी प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ ज़हर उगलता है, तो कभी राहुल गांधी की तारीफ़ करने लगता है । वैसे पाकिस्तान को जिस तरह से उसकी ज़ुबान में भारत की बेटी रुचिरा कंबोज ने जबाद दिया है । उस पर आप क्या कहेंगे, कमेंट करके ज़रूर बताएँ ।
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