Advertisement

Loading Ad...

मुंबई में फर्जी CBI अधिकारी बनकर 82 वर्षीय बुजुर्ग से 1.08 करोड़ रुपये की साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट की धमकी से डराया

मुंबई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां फर्जी CBI अधिकारी बनकर ठगों ने 82 वर्षीय बुजुर्ग से 1.08 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर ली. ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर डराया और धीरे-धीरे रकम हड़प ली. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Loading Ad...

मुंबई के विले पार्ले में एक 82 वर्षीय बुजुर्ग को साइबर ठगों ने फर्जी CBI अधिकारी बनकर 1.08 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया. ठगों ने डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर पीड़ित को कई दिनों तक डर में रखा और पैसे ट्रांसफर करवाए. यह घटना हाल के महीनों में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट घोटालों की कड़ी का हिस्सा है. मुंबई पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और जनता से सतर्क रहने की अपील की है.

ठगी का तरीका :

घटना की शुरुआत 15 अक्टूबर 2025 को हुई, जब पीड़ित को एक फोन कॉल आया. कॉलर ने खुद को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) का अधिकारी बताया और दावा किया कि पीड़ित का आधार कार्ड एक अवैध बैंक खाते में इस्तेमाल हो रहा है. इसके बाद, कॉल को एक कथित दिल्ली पुलिस अधिकारी को ट्रांसफर किया गया, जिसने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी. उसी दिन, एक वीडियो कॉल पर ठग ने खुद को CBI अधिकारी हेमराज कोहली के रूप में पेश किया.  

Loading Ad...

उसने फर्जी दस्तावेज और अरेस्ट वारंट दिखाकर पीड़ित को डराया कि वे एक बड़े आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे हैं. ठगों ने पीड़ित को परिवार से बात न करने की सख्त हिदायत दी और कहा कि उनकी संपत्ति को "सुरक्षित खाते" में ट्रांसफर करना होगा. डर के मारे बुजुर्ग ने कई किस्तों में 1.08 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए.

Loading Ad...

डिजिटल अरेस्ट

यह घोटाला डिजिटल अरेस्ट का एक विशिष्ट मामला है, जिसमें ठग पीड़ितों को वीडियो कॉल के जरिए डराते हैं और उन्हें घर में ही "नजरबंद" रखते हैं. ठगों ने पीड़ित को लगातार कॉल पर रखा, जिससे वे मानसिक दबाव में रहे. इस दौरान, ठगों ने पीड़ित को बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी देने के लिए मजबूर किया. मुंबई पुलिस के साइबर सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "ठग अक्सर बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं, क्योंकि वे तकनीकी रूप से कम जागरूक होते हैं और डराने पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं. इस केस में, ठगों ने कई राज्यों से फर्जी खातों का इस्तेमाल किया, जिनकी जांच चल रही है.

Loading Ad...

पुलिस की कार्रवाई :

जब पीड़ित ने अपने परिवार को इस घटना के बारे में बताया, तो मामला पुलिस तक पहुंचा. 19 अक्टूबर 2025 को वेस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 419 (प्रतिरूपण), और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई. पुलिस ने पीड़ित के बैंक स्टेटमेंट की जांच शुरू कर दी है और ट्रांजेक्शन ट्रेल का पीछा कर रही है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ठगों ने कई डमी खातों का इस्तेमाल किया, जो गुजरात, राजस्थान, और दिल्ली से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस ने कुछ खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ले रही है.

डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामले

Loading Ad...

मुंबई में डिजिटल अरेस्ट घोटालों की बढ़ती संख्या ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकार का ध्यान खींचा है. सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर 2025 को इस तरह के घोटालों पर स्वत: संज्ञान लिया और केंद्र सरकार, CBI, और अन्य एजेंसियों को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने इसे "न्यायिक प्रणाली पर हमला" करार देते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की.

हाल के कुछ अन्य मामले :

अक्टूबर 2025: ठाणे में 72 वर्षीय दंपति से 58 करोड़ रुपये की ठगी, ED और CBI का नाम इस्तेमाल. 
जुलाई 2025: दादर में 75 वर्षीय व्यक्ति से 3.5 करोड़ रुपये की ठगी.
मार्च 2025: बांद्रा में 86 वर्षीय महिला से 20 करोड़ रुपये ऐंठे गए, जिसमें से 1.29 करोड़ रुपये वापस मिले.

Loading Ad...

जनता के लिए पुलिस की सलाह

मुंबई पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल पर विश्वास न करें, खासकर जो सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगें. साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है. साथ ही, पुलिस ने सुझाव दिया कि:

यह भी पढ़ें

  • अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को सत्यापित करें.
  • परिवार या विश्वसनीय व्यक्तियों से सलाह लें.
  • बैंक डिटेल्स या OTP कभी शेयर न करें.
  • किसी भी "डिजिटल अरेस्ट" कॉल को तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें.

यह घटना साइबर अपराधियों की बढ़ती चालाकी और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है. बुजुर्गों को निशाना बनाकर किए जा रहे इन घोटालों से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता जरूरी है. मुंबई पुलिस और CBI इस मामले में ठगों तक पहुंचने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, लेकिन जनता को भी सावधानी बरतने की जरूरत है. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...