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सड़क पर नमाज की वकालत कर रहे Chandrashekhar को Imran Masood ने दिया मुंहतोड़ जवाब

मुस्लिम वोटबैंक को खुश करने के लिए सांसद चंद्रशेखर ने कह दिया जिस तरह से सड़क पर कांवड़ यात्रा निकलती है उसी तरह से सड़क पर नमाज भी पढ़ी जानी चाहिए। लेकिन लगता है चंद्रशेखर का यही दांव अब उल्टा पड़ने लगा है जिन्हें कांग्रेसी इमरान मसूद ने ही मुंहतोड़ जवाब दे दिया !

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Yogi Adityanath  : उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाल रहे Yogi Adityanath  के बारे में कहा जाता है वो क्लियर एंड कट बात बोलते हैं। यानि अगर एक बार आदेश दे दिया कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतर जाने चाहिए। तो उनके आदेश का पालन करते हुए मस्जिदों से लाउड स्पीकर उतार दिया जाता है।और अगर एक बार आदेश दे दिया कि सड़क पर नमाज नहीं होनी चाहिए। तो सड़क पर नमाज पढ़ना भी पूरी तरह से बंद हो जाता है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ये बयान बता रहा है कि उनके एक आदेश के बाद मुसलमानों ने सड़क पर नमाज पढ़नी बंद कर दी। लेकिन इसके बावजूद लगता है मुसलमानों के नए नए नेता बनने चले नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद योगी के खिलाफ मुसलमानों को भड़काना चाहते हैं। इसीलिये सड़क पर निकलने वाली कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि हिंदुओं की कांवड़ यात्रा के लिए 20 दिन तक सारे रास्ते बंद कर दिये जाते हैं। अस्पताल बंद कर दिये जाते हैं। तब तो किसी को दिक्कत नहीं होती।  तो फिर 20 मिनट की नमाज के लिए आपत्ति क्यों होती है।


जिला बिजनौर की नगीना सीट से नए नए निर्दलीय सांसद बने चंद्रशेखर आजाद ने मुसलमानों को खुश करने के लिए सड़क पर नमाज पढ़ने की वकालत की। जो योगी के आदेश का खुल्ला विरोध था।  क्योंकि योगी सरकार ने जब आदेश दे दिया है कि सड़क पर नमाज नहीं होनी चाहिए। तो नहीं होनी चाहिए।  लेकिन इसके बावजूद मुस्लिम वोटबैंक को खुश करने के लिए सांसद चंद्रशेखर ने कह दिया जिस तरह से सड़क पर कांवड़ यात्रा निकलती है उसी तरह से सड़क पर नमाज भी पढ़ी जानी चाहिए।  लेकिन लगता है चंद्रशेखर का यही दांव अब उल्टा पड़ने लगा है।  क्योंकि खुद मुसलमानों ने ये बात साफ कर दी है कि जब सरकार ने सड़क पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगा दी है तो किसी भी कीमत पर सड़क पर नमाज नहीं पढ़नी चाहिए। और ये बात किसी आम मुसलमान नहीं कही है।ये बात सहारनपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने खुद कही है। उन्होंने चंद्रशेखर को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि। "अगर सरकार ने मना कर दिया कि सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकते तो आप सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकते, अल्लाह आपकी नमाज कबूल ही नहीं करेगा। क्योंकि मालिक सरकार है"।

इमरान मसूद.। विपक्ष के सांसद होने के साथ साथ एक मुसलमान भी हैं। अगर योगी सरकार का आदेश गलत होता था। तो सबसे पहले इमरान मसूद ही इसका विरोध करते। लेकिन मुसलमान होने के बावजूद इमरान मसूद ने योगी सरकार के आदेश का समर्थन किया। और सड़क पर नमाज पढ़ने को पूरी तरह से गलत बताया। तो वहीं दूसरी तरफ नए नए सांसद बने चंद्रशेखर आजाद हिंदुओं की कांवड़ यात्रा का हवाला देकर सड़क पर नमाज पढ़ने को जायद ठहराने में जुटे हुए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि कहीं ये मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने की रणनीति तो नहीं है। क्योंकि इससे पहले चंद्रशेखर आजाद ने सपा नेता आजम खान की गिरफ्तारी का भी विरोध किया था। बहरहाल मुसलमानों को खुश करने के लिए योगी सरकार के आदेश के खिलाफ बयान देने वाले चंद्रशेखर आजाद को सांसद इमरान मसूद ने जिस तरह से मुंहतोड़ जवाब दिया है।  
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