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यूपी में बार-बार कट रहा है आपके गाड़ी का चालान तो हो जाइए सावधान, कहीं आपका DL न हो जाए कैंसिल

यूपी में अगर किसी गाड़ी का अगर बार-बार चालान कटता है तो गाड़ी मालिक का ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा। सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया है।

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उत्तर प्रदेश के रहने वाले वो लोग जो यातायात के नियमों को बार-बार चुनौती देते है, उन पर नकेल कसने के लिए अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने ऐसा आदेश जारी कर दिया है। जिससे बार-बार चालान कटने के बावजूद लोक अदालत के ज़रिए सस्ते में निपटने वाले लोगों के लिए CM योगी का एक फ़ैसला बहुत महंगा साबित होने वाला है। यूपी में अगर किसी गाड़ी का अगर बार-बार चालान कटता है तो गाड़ी मालिक का ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा। सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया है। इसके साथ ही प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ के दौरान यातायात के बेहतर व्यवस्था करने के लिए भी कहा है। 


दरअसल, आमतौर पर देखा गया है कि लोग अक्सर कार चालाने के दौरान सीट बेल्ट लगाने में कोताही बरतते है। वही बाइक पर लोग हेलमेट भी नहीं लगाना चाहते है, जिसके चलते कई बार एक्सिडेंट में लोगों की जान तक चली जाती है। वही कई बार यह भी देखा जाता है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी सड़कों पर रफ़्तार भरते है। जिससे सिर्फ़ उन्हें ही नहीं बल्कि अन्य राहगीरों को भी बड़ा ख़तरा होता है। इस सब लापरवाहियों पर नकेल कसने के लिए कड़े यातायात नियम बनाकर जुर्माना लगाया जाता है। इसके बावजूद लोग चालान कटने के बाद लोक अदलत लगने पर चालान तो भर देते है लेकिन लापरवाही करना नहीं छोड़ते। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब मुख्यमंत्री योगी ने इसका तोड़ निकाला और आदेश दे दिया कि जिस गाड़ी का बार-बार चालान कटे उसका ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाए। सीएम योगी ने कहा है कि सड़क सुरक्षा समिति ज़िलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक 5 जनवरी तक सम्पन्न कर लें। इसके बाद जन जागरण के लिए 6 से लेकर 10 जनवरी तक सभी स्कूल कॉलेज में यातायात के नियमों को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया जाए। 


बताते चले कि इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने यह भी कहा कि हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 25 हज़ार मौत होती है। जो कि देश और राज्य के लिए बड़ी क्षति है। इसलिए सड़क सुरक्षा माह का अभियान सिर्फ़ राजधानी लखनऊ तक समिति न रहें बल्कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रभावी तौर पर इससे जुड़े कार्यक्रम संपन्न करवाएं ताकि लोग ज़्यादा से ज़्यादा जागरूक हो। 
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