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‘देश हमारा है तो राज भी हमारा’, लखनऊ में दहाड़े योगी, जनजाति उत्सव का किया शुभारंभ, बिरसा मुंडा को किया याद

Yogi Adityanath: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जनजाति उत्सव का शुभारंभ किया और इस मौके पर उन्होंने बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी.

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, इसके लिए सीएम योगी को अपने विरोधियों की आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ता है. वहीं, योगी के समर्थकों का मानना है कि जब से योगी ने सत्ता संभाली है, तब ये यूपी में गुंडे माफियाओं की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. यूपी की क़ानून व्यवस्था पटरी पर आई है. राज्य के सभी धर्म, जाती, समुदाय कल्याण और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

योगी आदित्यनाथ हाल ही में राजधानी लखनऊ पहुंचे थे. जहां उन्होंने जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया और इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा को याद किया. उन्होंने बताया कि 1 से 15 नवंबर तक जनजाति गौरव पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है. इस उत्सव में 22 राज्यों के जनजाति समाज के आर्टिस्टों द्वारा कला का प्रदर्शन किया जाएगा. 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा स्वाधीनता के पक्षधर थे. उन्होंने इसके लिए अंग्रेजों से लोहा लिया. इसके लिए वे जेल भी गए और जेल में ही उन्होंने अंतिम सांस ली. इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने जनजाति समुदायों का जिक्र करते हुए बिरसा मुंडा के एक वक्तव्य को दोहराया. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा हमेशा से चाहते थे कि ‘देश हमारा है तो राज भी हमारा होना चाहिए’. इसके लिए उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत की. बिरसा मुंडा न सिर्फ आदिवासी समाज के बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं. 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितनी भी अनुसूचित जनजाति की बस्तियां हैं, धरतीआबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत उन्हें सभी सुविधाओं से आच्छादित किया जा रहा है. इसके लिए 26 जनपदों के 47 ब्लॉक व 517 ग्रामों को चिह्नित किया है. इनमें सोनभद्र में सर्वाधिक 176 गांव, बलिया के 61, ललितपुर के 36, देवरिया, लखीमपुर खीरी व कुशीनगर के 34-34, गाजीपुर के 26, मीरजापुर के 20, गोरखपुर के 18, चंदौली के 17, बलरामपुर के 16, पीलीभीत, प्रयागराज व सिद्धार्थनगर के 7-7, बिजनौर के 5, बहराइच व बस्ती के तीन-तीन, बाराबंकी, भदोही, महराजगंज, श्रावस्ती के दो-दो, अंबडेकरनगर, महोबा, संतकबीरनगर, जौनपुर, सीतापुर के एक-एक गांव को आच्छादित करने का कार्य किया गया है.

जनजातीय बाहुल्य 517 गांवों की कनेक्टिविटी से लेकर सभी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया गया है. इनका आधार, आयुष्मान कार्ड, पीएम उज्ज्वला योजना, जाति-निवास प्रमाण पत्र, मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम जनधन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम विश्वकर्मा योजना, राशन कार्ड आदि की व्यवस्था के साथ ही यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को डबल इंजन सरकार ने आच्छादित करने की स्वीकृति दी.  

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