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‘BBMB समय पर पानी छोड़ देती तो बाढ़ टल जाती…’, पंजाब में तबाही पर आप मंत्री ने केंद्र पर फोड़ा ठीकरा, सियासी घमासान तेज

पंजाब में बाढ़ लेकर राजनीति शुरू हो गई है. पहले विपक्षियों ने आप सरकार पर इसका ठीकरा फोड़ा अब पंजाब सरकार के जल संसाधन मंत्री बी. कुमार गोयल का कहना है कि अगर जून में केंद्र के अधीन भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) समय पर पानी छोड़ देता, तो तबाही इतनी बड़ी नहीं होती.

Punjab Flood
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पंजाब में बाढ़ से 1,000 से ज्यादा गांव और 61,000 हेक्टेयर कृषि भूमि डूब गई है. सबसे ज्यादा असर गुरदासपुर जिले पर पड़ा है. राहत-बचाव अभियान तेज़ी से जारी है, लेकिन सियासी घमासान भी चरम पर है. विपक्ष का आरोप है कि AAP सरकार की नाकामी से लोग परेशान हैं. वहीं राज्य के जल संसाधन मंत्री बी. कुमार गोयल का कहना है कि अगर जून में केंद्र के अधीन भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) समय पर पानी छोड़ देता, तो तबाही इतनी बड़ी नहीं होती.

पंजाब के लोगों से एक दूसरे का साथ देने की अपील

कुछ विपक्षी दलों के नेताओं ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की. इस बीच, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने लोगों से राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की. 
उन्होंने सभी पंजाब बासियों से इस मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे का साथ देने और संकट में फंसे हर बाढ़ पीड़ित की मदद करने की भी अपील की. कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि पंजाब में बार-बार आ रही बाढ़ के असली कारणों का पता लगाना जरूरी है जिससे लोग सतर्क और तैयार रहें.

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कांग्रेस का आरोप- बांधों के खराब प्रबंधन से आई बाढ़

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कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बाढ़ के लिए बांधों और जल स्रोतों के कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारी बारिश का अलर्ट था तो बांधों में पानी जमा क्यों होने दिया गया और समय पर चरणबद्ध तरीके से पानी क्यों नहीं छोड़ा गया. वडिंग ने इसे अप्रत्याशित आपदा नहीं, बल्कि “आपराधिक लापरवाही” करार दिया और जिम्मेदारी तय करने की मांग की.

हिमाचल और जम्मू में भी बाढ़ का प्रभाव

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पंजाब में बाढ़ के हालात दूसरे राज्यों की वदह से गहराते जा रहे हैं. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के कारण सतलुज, व्यास व रावी नदियों और के जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से पंजाब भीषण बाढ़ की चपेट में है. औपको बता दें कि बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों में हैं.

पंजाब में बाढ़ की जिम्मेदार केंद्र सरकार- आप मंत्री 

NDRF, सेना, BSF और जिला प्रशासन की टीमों ने अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 11,330 लोगों को सुरक्षित निकाला है. कई मंत्री और विधायक हालात का जायजा लेने पहुंचे. वहीं, राज्य के जल संसाधन मंत्री गोयल ने पिछले 37 साल की सबसे भीषण बाढ़ के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

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गोयल ने दावा किया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड द्वारा जून में समय पर पानी छोड़े जाने से तबाही काफी कम हो सकती थी. पंजाब में लाखों लोग अब भी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री ने ‘संकट पर एक भी बयान नहीं दिया, राज्य को कोई मदद देने की तो बात ही छोड़ दें’.

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