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'फिर से बांग्लादेश लौटना चाहूंगी...', देश छोड़कर दिल्ली में रह रहीं शेख हसीना ने पहली बार कही दिल की बात, चुनाव लड़ने पर भी दिया बयान

फरवरी 2025 में बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना एक बार फिर से चर्चाओं में है. 78 वर्षीय महिला नेता ने सत्ता से बेदखली के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत की है. शेख हसीना ने बताया कि 'वह दिल्ली में आजादी के साथ रह रही हैं, लेकिन परिवार के अतीत को देखते हुए काफी सतर्क हैं.'.

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अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा देकर देश छोड़कर भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का बड़ा बयान सामने आया है. खबरों के मुताबिक, वह दिल्ली में है और कुछ दिन पहले उन्हें सुरक्षाकर्मियों के साथ लोधी गार्डन में टहलते हुए देखा गया था. फरवरी 2025 में बांग्लादेश में आम चुनाव होने वाले हैं. जिसको लेकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आगे बांग्लादेश में वापसी और अपनी भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की है. अभी तक वह सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात शेयर कर रहीं थीं, लेकिन पहली बार खुलकर उन्होंने मीडिया से बातचीत की है. उन्होंने बताया है कि वह सत्ता में वापसी करने के साथ दोबारा से अपने देश लौटने की तैयारी में है. 

शेख हसीना ने परिवार को किया याद

फरवरी 2025 में बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना एक बार फिर से चर्चाओं में है. 78 वर्षीय महिला नेता ने सत्ता से बेदखली के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत की है. शेख हसीना ने बताया कि 'वह दिल्ली में आजादी के साथ रह रही हैं, लेकिन परिवार के अतीत को देखते हुए काफी सतर्क हैं.' मीडिया से बातचीत करते हुए शेख हसीना ने याद किया कि कैसे 1975 के सैन्य तख्तापलट में उनके पिता और तीन भाइयों की हत्या कर दी गई थी. उस वक्त वह और उनकी बहन विदेश में थीं. 

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'बांग्लादेश की राजनीति में वापसी करूंगी'

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पूर्व प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 'उनकी अवामी लीग पार्टी फिर से बांग्लादेश की राजनीति में वापसी करेगी, चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में. मुद्दा मेरे या मेरे परिवार का नहीं बांग्लादेश का है. देश का भविष्य तभी बेहतर होगा, जब देश में संविधान के मुताबिक शासन और राजनीतिक स्थिरता होगी. कोई एक व्यक्ति या परिवार देश का भविष्य तय नहीं कर सकता.' 

शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की जताई इच्छा 

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने फिर से अपने देश लौटने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक बड़ी शर्त रखी है. उन्होंने कहा कि 'मैं निश्चित रूप से अपने देश लौटना चाहती हूं, लेकिन यह तभी होगा, जब वहां की सरकार वैध हो, संविधान का पालन हो और कानून-व्यवस्था कायम हो.'

'अवामी लीग को लड़ने से रोका तो बहिष्कार होगा'

उन्होंने आगे कहा कि 'अगर 2026 के चुनाव में अवामी लीग को लड़ने नहीं दिया गया, तो बहिष्कार होगा. अवामी लीग पर लगाया गया बैन ना सिर्फ गलत है बल्कि खुद सरकार के लिए नुकसानदायक है. देश की अगली सरकार को चुनावी वैधता होनी जरूरी है. इस अवामी लीग को करोड़ों लोग सपोर्ट करते हैं. अगर उन्हें वोट देने से रोका गया, तो लोकतंत्र का सिस्टम कैसे चलेगा?'

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'युनुस सरकार दिखाएगी समझदारी'

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि 'हमें अपने समर्थकों पर भरोसा है. हम उन्हें किसी अन्य पार्टी को वोट देने के लिए नहीं कह रहे हैं. उम्मीद है कि युनुस सरकार समझदारी दिखाएगी और हमें खुद चुनाव लड़ने देगी. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या बांग्लादेश सरकार से उनकी किसी तरह से कोई बातचीत, संपर्क है या नहीं.

आपराधिक आरोपों पर भी खुलकर बोली हसीना 

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बता दें कि बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने 2024 के छात्र विरोध-प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई को लेकर शेख हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों का ट्रायल पूरा कर लिया है. इसके अलावा अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि हसीना ने सुरक्षा एजेंसियों के जरिए विपक्षी कार्यकर्ताओं के अपहरण, टॉर्चर और गुप्त हिरासत का आदेश दिया था. उनके केस पर फैसला 13 नवंबर को आने की उम्मीद है. 

पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोपों से इनकार किया

शेख हसीना ने बांग्लादेश में अपने ऊपर लगे आरोपों को इनकार करते हुए कहा कि 'वह व्यक्तिगत रूप से हिंसक बल प्रयोग या अन्य कथित अपराधों में शामिल नहीं थीं. यह कार्यवाही राजनीति से प्रेरित एक दिखावा है.' हसीना ने आगे कहा कि 'आरोप अदालतों द्वारा लगाए गए हैं, जिनमें दोषी का फैसला पहले से तय है. मुझे पूर्व सूचना या अपना बचाव करने का कोई अवसर तक नहीं दिया गया.'

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बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन में 1,400 लोगों की मौत थी

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जुलाई से 5 अगस्त 2024 के बीच पूर्व की शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शन में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग घायल हुए थे, जिनमें ज्यादातर सुरक्षाबलों की गोलीबारी से जख्मी हुए थे. 

फरवरी में होगा आम चुनाव 

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बता दें कि बांग्लादेश में यूनुस सरकार ने अगले साल फरवरी में चुनाव करवाने का वादा किया है. हालांकि, अंतरिम सरकार ने चुनाव से पहले देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्ध अपराधों का हवाला देकर शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी थी. इसके अलावा इसी साल मई में चुनाव आयोग ने अवामी लीग का रजिस्ट्रेशन भी निलंबित कर दिया था.

हिंसक प्रदर्शन के बाद देश छोड़कर भागी शेख हसीना

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शेख हसीना ने आगे बताया कि 'पिछले साल अगस्त में जब ढाका में हिंसा शुरू हुई और भीड़ उनके आवास तक पहुंच गई थी, तब वह हेलिकॉप्टर से भारत पहुंचीं और तब से वह नई दिल्ली में रह रही हैं.' 

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