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'शुक्रगुजार हूं गोवा के छोटे गांव में रहता हूं', दिल्ली की आबोहवा से परेशान हुए साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 372 दर्ज हुआ, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. लोगों को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है. दिल्ली की आबोहवा से साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स भी परेशान हो गए हैं.

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दिल्ली की आबोहवा से साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स भी परेशान हो गए हैं. साउथ गोवा में परिवार के साथ रह रहे इस क्रिकेटर ने गोवा की वायु गुणवत्ता की सराहना की है. पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि गोवा में वातावरण और हवा की गुणवत्ता इतनी बेहतर है कि उनके बच्चे समुद्र किनारे फुटबॉल का आनंद उठा रहे हैं, लेकिन दिल्ली के वर्तमान हालात ऐसे हैं कि बच्चों को घर में ही रहने की सलाह दी जा रही है. 

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर

बता दें कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 372 दर्ज हुआ, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. लोगों को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है. 

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‘दिल्ली में घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है’

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पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर शेयर की. उन्होंने लिखा कि मेरे घर में सूर्यास्त कुछ ऐसा दिखता है, और हां, ये मेरे बच्चे फुटबॉल खेल रहे हैं. दिल्ली में तो घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है. 

‘गोवा के गांव में रहने के लिए आभार व्यक्त करता हूं’

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पूर्व क्रिकेटर रविवार को दिल्ली से रांची की उड़ान भरी थी. इस दौरान दिल्ली की आबोहवा को देखकर उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि आज शाम रांची जाते हुए दिल्ली से गुज़र रहा हूं और हमेशा की तरह, यहां की वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को समझ पाना मुश्किल है. ये देखकर, मैं दक्षिण गोवा के एक छोटे से गांव में रहने के लिए आभार व्यक्त करता हूं. 

दिल्ली सरकार ने दिलाया भरोसा 

बता दें कि दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा को लेकर सिर्फ पूर्व क्रिकेटर ने ही आवाज नहीं उठाई है. दिल्ली में रहने वाले लोगों का मानना है कि हर साल ऐसी स्थिति से दो-चार होना पड़ता है.  वहीं, दिल्ली सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वे युद्ध स्तर पर प्रदूषण को रोकने के लिए काम कर रहे हैं. 

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डॉक्टरों ने क्या कहा?

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डॉक्टरों के अनुसार, अगर दिल्ली में प्रदूषण का स्तर आगे भी ऐसा रहा तो सांस लेने में दिक्कत पैदा हो सकती है. अस्थमा से जूझ रहे मरीजों को खासतौर पर हिदायत दी जाती है कि वे घरों में ही रहे. प्रदूषण में बाहर निकलने से सांस फूलने, गले में खुजली और आंखों में चुभन जैसी परेशानी होने की संभावना बढ़ गई है.

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