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'न मैं इन्हें जानता हूं, न यह प्लांटेड है...', IIT मद्रास में एस. जयशंकर ने अफगानी छात्र के सवाल पर क्यों दिया ऐसा जवाब, जानें पूरा मामला

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने IIT मद्रास में अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. कार्यक्रम में एक अफगान छात्र के एक सवाल पर जयशंकर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह छात्र को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और यह कोई तय सवाल नहीं था, जिसके बाद हॉल में हंसी का माहौल बन गया.

S. Jaishankar (File Photo)
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में चेन्नई स्थित आईआईटी मद्रास (IIT Madras) में एक कार्यक्रम में अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर अपनी राय साझा की. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान फिलहाल एक कठिन दौर से गुजर रहा है और वहां कई ऐसी चुनौतियां हैं जिनका समाधान अभी बाकी है. उनके भाषण के दौरान एक मजेदार पल भी आया, जब हॉल में मौजूद लोग हंसने लगे.

अफगानी छात्र ने विदेश से पूछा सवाल 

दरअसल, कार्यक्रम में इस पल की शुरुआत तब हुई, जब एक अफगानिस्तानी छात्र ने जयशंकर से सवाल किया. छात्र ने अफगानिस्तान में चल रही परियोजनाओं और हालिया चर्चाओं के बारे में जानना चाहा. जवाब देने से पहले जयशंकर ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'मैं इन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं और न ही यह पहले से तय सवाल है.' उनके इस हल्के-फुल्के जवाब ने पूरे हॉल में हंसी का माहौल बना दिया. जानकारी के अनुसार, अफगान छात्र शेर अली ने यह भी बताया कि वह शायद वहां मौजूद अकेला अफगान छात्र है. उसने गर्व से कहा कि अफगानिस्तान के विकास के लिए हाल ही में भारत और अफगान नेतृत्व के बीच जिन छह परियोजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें से चार में उसकी भूमिका रही है. इसके बाद छात्र ने पूछा कि अफगानिस्तान के छात्रों के लिए वीजा और ICCR स्कॉलरशिप की प्रक्रिया कब शुरू होगी.

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सवाल पहले से तय नहीं था: विदेश मंत्री 

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जयशंकर ने छात्र को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी कोई पहले से जान-पहचान नहीं थी और यह कोई प्लांटेड सवाल नहीं था. उन्होंने बताया कि भारत और अफगानिस्तान के संबंध सदियों पुराने हैं. सरकारें और शासन आते-जाते रहते हैं, लेकिन भारत का दृष्टिकोण हमेशा जन-केंद्रित और स्थिर रहा है. विदेश मंत्री ने कहा कि भारत, अफगानिस्तान को एक मुश्किल दौर से गुजरते हुए देख रहा है. इसलिए विकास, स्वास्थ्य, वैक्सीन और भोजन जैसे मुद्दों पर सहयोग जारी है. उन्होंने छात्र को यह भी बताया कि उनकी अफगान समकक्ष मुत्तकी के साथ बहुत अच्छी चर्चा हुई है और ये दोनों देश मानवीय और शैक्षिक मुद्दों को हल करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

विदेश मंत्री ने मुत्तकी से बातचीत की दी जानकारी 

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जयशंकर ने मुलाकात को 'सकारात्मक' बताते हुए कहा कि भारत अफगानिस्तान के साथ अपने संबंधों को मानवीय और विकास के आधार पर आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की बात भी साझा की और जोर देकर कहा कि भारत वहां के लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है. विदेश मंत्री ने उन क्षेत्रों का जिक्र किया, जहां भारत सक्रिय रूप से काम कर रहा है. इनमें बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं में सहयोग शामिल है. इसके अलावा भारत अफगानिस्तान में भुखमरी के संकट को देखते हुए अनाज और अन्य खाद्य सामग्री की आपूर्ति कर रहा है. साथ ही दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं के जरिए अफगान नागरिकों की मदद भी की जा रही है. जयशंकर ने यह स्पष्ट किया कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा मानवीय रहेगा और अफगानिस्तान के लोगों की भलाई और विकास के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा. उन्होंने छात्र और कार्यक्रम में मौजूद सभी प्रतिभागियों से कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर सुधार के लिए भारत हमेशा कदम बढ़ाएगा.

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बताते चलें कि यह कार्यक्रम न केवल अफगानिस्तान की वर्तमान चुनौतियों पर जानकारी देने वाला था, बल्कि छात्रों और प्रतिभागियों के लिए यह प्रेरणादायक भी रहा. हॉल में हंसी का पल और छात्र के सवाल ने दिखाया कि गंभीर विषयों के बीच भी बातचीत में हल्कापन और इंसानी जुड़ाव बनाए रखा जा सकता है.

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