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'हाइड्रोजन बम निकला फुस्स बम', सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गाँधी पर बोला हमला
फडणवीस ने बिहार चुनाव को लेकर भी राहुल गांधी को घेरा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बिहार की जमीनी हकीकत और जनता की भावना का कोई अंदाजा नहीं है. बिहार की जनता पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है और वही चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिस 'हाइड्रोजन बम' का दावा किया था, वह पूरी तरह 'फुस्स बम' निकला. नतीजा ये रहा कि 'पहाड़ खोदने पर चूहा भी नहीं निकला.'
सीएम फडणवीस का राहुल पर निशाना
फडणवीस ने राहुल गांधी को 'सीरियल झूठा' बताते हुए कहा, "उनकी सबसे बड़ी कला सफाई से झूठ बोलना है. वे बार-बार झूठ बोलकर उसे सच बनाने की कोशिश करते हैं. यह वही तकनीक है जो हिटलर के मंत्री इस्तेमाल करते थे."
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फडणवीस ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग राहुल गांधी को कई बार नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन उन्होंने अब तक कोई ठोस सबूत या दस्तावेज पेश नहीं किया. सिर्फ भाषणों और मीडिया में आरोपों की राजनीति चल रही है.
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राहुल गांधी जनता को गुमराह कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "राहुल गांधी जनता को गुमराह कर रहे हैं. वह संविधान, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसे लोकतंत्र के स्तंभों का निरंतर अपमान कर रहे हैं, लेकिन जनता अब जागरूक है, वह ऐसे झूठों से प्रभावित नहीं होती."
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फडणवीस ने बिहार चुनाव को लेकर भी राहुल गांधी को घेरा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बिहार की जमीनी हकीकत और जनता की भावना का कोई अंदाजा नहीं है. बिहार की जनता पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है और वही चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी.
पुणे में बंजारा समाज ने छेड़ा जोरदार आंदोलन
वहीं दूसरी ओर पुणे में बंजारा समाज ने जोरदार आंदोलन छेड़ा है. उनकी मांग है कि समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में शामिल किया जाए और आरक्षण का लाभ दिया जाए. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शंकर राठौर ने बताया कि हैदराबाद गजट में बंजारा समाज को आदिवासी के रूप में मान्यता दी गई है, इसलिए हमें भी एसटी आरक्षण मिलना चाहिए.
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इस मांग को लेकर शिवाजीनगर से जिलाधिकारी कार्यालय तक एक पैदल मोर्चा निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए. बंजारा समाज ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना गया तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा.