Advertisement

Loading Ad...

CM योगी की इस योजना ने बदली बिजनौर की रितु की किस्मत, रोजाना कर रहीं 7 हजार की कमाई, कभी पति की दिहाड़ी पर चलता था घर

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रितु को उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया. उन्हें बचत और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा व्यवसाय शुरू करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन भी मिला. योगी सरकार का संकल्प है कि ग्रामीण महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और आत्मसम्मान के साथ आजीविका अर्जित करें. इसी सोच ने रितु को आगे बढ़ने का भरोसा दिया.

Loading Ad...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में संचालित 'राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' ग्रामीण महिलाओं के जीवन में निर्णायक बदलाव ला रहा है. सरकार की यह पहल महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ा रही है. प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और बाजार से सीधा जुड़ाव, योगी सरकार की उस नीति का आधार है, जिसके चलते गांवों में महिलाओं की भूमिका अब घर तक सीमित नहीं रही. बिजनौर जिले की रितु की सफलता इसी परिवर्तन की सशक्त मिसाल है.

इस तरह आया जीवन में बदलाव

देवमल ब्लॉक के ग्राम फिरोजपुर नरोत्तम की रहने वाली रितु का जीवन कुछ वर्ष पहले तक पति की दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था. सीमित और अनिश्चित आय के कारण परिवार का खर्च चलाना कठिन होता था. भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती थी. ऐसे समय में वर्ष 2022 में रितु का जुड़ाव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से हुआ. यह जुड़ाव उनके जीवन में बदलाव का आधार बना.

Loading Ad...

आगे बढ़ने का मिला भरोसा

Loading Ad...

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रितु को उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया. उन्हें बचत और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा व्यवसाय शुरू करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन भी मिला. योगी सरकार का संकल्प है कि ग्रामीण महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और आत्मसम्मान के साथ आजीविका अर्जित करें. इसी सोच ने रितु को आगे बढ़ने का भरोसा दिया.

सीमित संसाधनों से शुरू हुआ अभियान

Loading Ad...

आजीविका मिशन के सहयोग से रितु ने ‘विदुर कैफे’ की शुरुआत की. सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह कैफे आज उनकी पहचान बन चुका है. रितु अब प्रतिदिन 6-7 हजार रुपये तक की आय कर रही हैं. कभी जिनके लिए घर का खर्च जुटाना चुनौती था, आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं और भविष्य की योजनाएं बना रही हैं. रितु की सफलता का असर केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा.उन्होंने अपने कैफे के माध्यम से गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है. इससे गांव में महिलाओं के बीच आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है.

समूह से जुड़ने के बाद मिला प्रशिक्षण, अवसर और सम्मान

महिलाएं अब काम के लिए बाहर जाने के बजाय गांव में ही सम्मानजनक रोजगार पा रही हैं, जिससे सामाजिक माहौल में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है. रितु का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, अवसर और सम्मान, तीनों मिले. योगी सरकार की योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया. उनकी कहानी यह बताती है कि यदि नीति स्पष्ट हो और जमीनी स्तर पर सहयोग मिले, तो गांवों में भी सफल और स्थायी व्यवसाय खड़े किए जा सकते हैं.

Loading Ad...

ग्रामीण महिलाएं अब बदलाव की बनीं भागीदार

यह भी पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब बदलाव की साक्षी बन रही हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है. रितु जैसी सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भरता अब केवल योजना नहीं, बल्कि धरातल पर साकार होती वास्तविकता है. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...