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'कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा...', प्रदूषण को लेकर था प्रदर्शन, लगने लगे नक्सलियों के समर्थन में नारे, VIDEO

दिल्ली में इंडिया गेट पर प्रदूषण को लेकर हुए प्रदर्शन में कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा अमर रहे के नारे लगाए गए. इस दौरान नक्सलियों की जनताना सरकार को भारत में भी लागू करने वकालत की गई. जब प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हटाने का प्रयास किया तो उन पर पेपर स्प्रे छिड़का गया, जिसमें 4 पुलिस वाले घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.

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दिल्ली के इंडिया गेट पर वायु गुणवत्ता में गिरावट यानी कि प्रदूषण और AQI लेवल को लेकर हो रहे प्रदर्शन में बीते दिनों सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए नक्सली माडवी हिडमा के नारे लगाए गए. इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक इस दौरान पुलिस पर पेपर स्प्रे भी किया गया. इसके बाद पुलिस को जबरन प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाना पड़ा. आपको बताएं कि युवा प्रदर्शनकारियों और छात्र-छात्राओं का एक समूह अपने साथ नकस्ली हिडमा के नाम की तख्तियां और पोस्टर लेकर आया था. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान सरकार और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

पुलिस पर किया गया पेपर स्प्रे 

जानकारी के मुताबिक इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पैपर स्प्रे भी कर दिया, जिसमें करीब 4 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं. इसके बाद सभी को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया. वहीं पुलिस अधिकारियों ने आरोपी प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जा रहा है कि इस घटना के जिम्मेदार करीब 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया. 

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किस बात को लेकर था प्रदर्शन?

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पुलिस के मुताबिक करीब 4.30 बजे कुछ प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के सी-हेक्सागन के पास जमा हुए. ये सभी दिल्ली-NCR में लगातार वायु गुणवत्ता में हो रही गिरावट को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान ये प्रदर्शन वायू प्रदूषण से हटकर नक्सलवाद, माओवाद और नक्सली माडवी हिडमा के समर्थन और उसकी मौत के विरोध में होने लगा. इतना ही नहीं कुछ देर बाद प्रदर्शनकारी नक्सली हिडमा के पक्ष में नारेबाजी करने लगे. जब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटने का प्रयास किया तो इन लोगों ने पुलिस के साथ ही बदतमीजी की और पेपर स्प्रे किया और अपनी नारेबाजी जारी रखी.

“कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा” 

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“कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा”, ये नारा कोई नक्सली नहीं बल्कि दिल्ली में रह रहे छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों ने लगाए. यह नारा उस वक्त गूंज उठा जब दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदूषण के नाम पर हुए एक प्रदर्शन को कुछ लोगों ने नक्सलवाद के समर्थन का मंच बना दिया.

भारत में माओवादी सरकार की वकालत!

आपको बताए कि इन लोगों ने प्रदर्शन के नाम पर सैकड़ों जवानों और निर्दोष आम नागरिकों की हत्या कर चुके, करीब 300 से ज्यादा हत्याओं के जिम्मेदार, भारत की चुनी हुई सरकारों, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ सशस्त्र युद्ध छेड़ने वाले कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा और माओवादी विचारधारा के खुलकर समर्थन में नारे लगाए गए. भीड़ में मौजूद प्रदर्शनकारियों न केवल हिडमा को ‘शहीद’ बताने की कोशिश कर रहे थे, बल्कि माओवादियों की तथाकथित जनताना सरकार को भारत में लागू करने की मांग जैसे नारे भी लगा रहे थे.

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माडवी हिडमा को सुक्षाबलों ने किया ढेर

यह वही हिडमा है जिसे सुरक्षाबलों ने बीते दिनों एक बड़े एनकाउंटर में मार गिराया. वह दशकों तक बस्तर और आसपास के इलाकों में लाल आतंक और हिंसा का चेहरा बना रहा, कई बड़े हमलों मसलन बस्तर, दंतेवाड़ा और झीरम घाटी जैसे बड़े हमलों, जिसमें सैकड़ों जवानों की शहादत एक साथ हुई, नेताओं की हत्या हुई, कांग्रेस के नेताओं की पूरी पीढ़ी खत्म कर दी गई, पुलिस पर हमले हुए, इन सभी का मास्टरमाइंड रहा और सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे वांछित नक्सलियों में शामिल था. मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक लाल आतंक और नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन दे दी है. हिडमा का ढेर होना उसी दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है.

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