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यूपी में 14 जिलों के अस्पताल होंगे हाइटेक, सीएम योगी ने करोड़ो रुपए की दी सौगात, ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को मिलेगा बेहतर इलाज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का विशेष फोकस उन जिलों पर है, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और डायग्नोस्टिक उपकरणों की उपलब्धता कम है. इस पहल का विशेष लाभ ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा, जिससे उन्हें अपने ही जिले में सस्ता, आधुनिक और त्वरित इलाज मिल सकेगा. इसके साथ इस प्रयास से बड़े शहरों के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों पर भी मरीजों का दबाव कम होगा.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इसके लिए प्रदेश के 14 सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित करने के लिए 9.80 करोड़ रुपए की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है. इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. इसके अलावा किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही होने पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. यूपी के उपमुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में सभी अस्पतालों में मरीजों के बेहतर इलाज के लिए संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं. 

ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा खास इलाज 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का विशेष फोकस उन जिलों पर है, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और डायग्नोस्टिक उपकरणों की उपलब्धता कम है. इस पहल का विशेष लाभ ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा, जिससे उन्हें अपने ही जिले में सस्ता, आधुनिक और त्वरित इलाज मिल सकेगा. इसके साथ इस प्रयास से बड़े शहरों के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों पर भी मरीजों का दबाव कम होगा. 

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यूपी के 14 जिलों के अस्पताल बनेंगे हाइटेक 

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सीएम योगी ने विशेषतौर पर प्रदेश के उन 14 जिलों, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, वहां के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 9.8 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है. इस स्वीकृत राशि में से 2.70 करोड़ रुपए रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय साढ़ामऊ बीकेटी को, 1.52 करोड़ रुपए जिला महिला चिकित्सालय बलरामपुर, 1.56 करोड़ रुपए जिला चिकित्सालय रायबरेली और 1.16 करोड़ रुपए जिला संयुक्त चिकित्सालय महाराजगंज को किया गया है, वहीं जिला संयुक्त चिकित्सालय बागपत को 28.55 लाख, दीवान शत्रुघ्न सिंह संयुक्त चिकित्सालय हमीरपुर को 3.35 लाख, महिला चिकित्सालय हरैया बस्ती को 8.68 लाख एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला चिकित्सालय इटावा के लिए 38.96 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं. ये धनराशि विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधित उपकरणों, अत्याधुनिक जांच मशीनों और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में खर्च किए जाएंगे.

सबसे बड़ा लाभ स्थानीय स्तर पर दिखाई देगा

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इस निवेश का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय स्तर पर दिखाई देगा, जहां जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों की स्थापना से जांच का समय घटेगा और मरीजों को सस्ता व त्वरित इलाज मिल सकेगा. वहीं सीटी स्कैन, एक्स-रे और अन्य उन्नत मशीनों से कैंसर या हृदय रोग जैसे गंभीर मामलों का तत्काल निदान संभव हो सकेगा एवं रेफरल केसों में कमी आएगी, जो कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ एवं अन्य बड़े शहरों के केंद्रीय अस्पतालों पर पड़ने वाले मरीजों के दबाव में भी कमी लाएगा. यही नहीं यह डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

विकसित यूपी-2047 विजन की व्यापक स्वास्थ्य नीति का हिस्सा 

यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित यूपी-2047 के विजन की व्यापक स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है, जिसके तहत सरकार का लक्ष्य यूपी के हर जिले में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास करना है. प्रदेश के जिन जिलों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है, वहां के जिला चिकित्सालयों को आधुनिक तकनीक युक्त उपकरणों और डायग्नोस्टिक सुविधाओं से लैस करना है, जिससे ग्रामीण व गरीब लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सस्ती व अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.

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