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आतंकवादी और तस्करी में शामिल भगोड़ों को लाया जाए वापस, गृह मंत्री अमित शाह का अधिकारियों को सख्त निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को आतंकवादी और तस्करी गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

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शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत किया जाए.

आतंकवादी और तस्करी गतिविधि में शामिल भगोड़ों को लाया जाए वापस 

गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद और आपराधिक गठजोड़ के घरेलू नेटवर्क को तोड़ने के लिए रणनीति में बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया. आतंकवाद के वित्तपोषण तंत्र की समीक्षा करते हुए शाह ने एजेंसियों को वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित जानकारी का विश्लेषण करके आतंकी मॉड्यूल का पता लगाने का निर्देश दिया. गृह मंत्रालय को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पुलिस द्वारा केवल स्वदेशी तकनीक का ही उपयोग किया जाए.

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बयान में कहा गया कि गृह मंत्री ने एजेंसियों को आतंकवादी और तस्करी गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया. सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त बाहरी तत्वों की भूमिका और उनके घरेलू नेटवर्क, विशेषकर मादक पदार्थों के व्यापार में उनकी संलिप्तता पर ध्यान केंद्रित किया गया.

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सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्र के हितों के विरोध में बाहरी तत्वों की भूमिका और मादक पदार्थों के व्यापार में संलिप्तता सहित उनके घरेलू संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया. आतंकवादी वित्तपोषण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के अलावा, एन्क्रिप्टेड संचार ऐप्स और अन्य नई तकनीकों के अवैध इस्तेमाल, भीड़ प्रबंधन और निर्जन द्वीपों की सुरक्षा के लिए तकनीक के उपयोग से उत्पन्न चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया.

800 अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधित विषयों पर किया विचार विमर्श 

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गृह मंत्रालय को आतंकवादी नेटवर्क द्वारा एन्क्रिप्टेड संचार के उपयोग का मुकाबला करने के समाधान खोजने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ एक मंच स्थापित करने के लिए कहा गया. सम्मेलन एक हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित किया गया था, जिसमें भौतिक और वर्चुअल दोनों तरीके शामिल थे. देश भर से आए लगभग 800 अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया.

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), अत्याधुनिक स्तर के युवा पुलिस अधिकारी और विशिष्ट क्षेत्रों के विशेषज्ञ, संबंधित राज्यों की राजधानियों से वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए. शनिवार को सम्मेलन के दूसरे दिन नागरिक उड्डयन और बंदरगाह सुरक्षा, आतंकवाद निरोध, वामपंथी उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के प्रतिकार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

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पुलिस महानिदेशकों/पुलिस महानिरीक्षकों के सम्मेलन-2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन आयोजित करने का निर्देश दिया था, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यरत अत्याधुनिक अधिकारियों के व्यापक अनुभव का उपयोग करके, क्षेत्र विशेषज्ञों के सहयोग से प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान खोजा जा सके. बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में, 2021 से व्यापक भागीदारी के लिए सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है.

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