Advertisement

Loading Ad...

हिमंत बिस्वा सरमा को बड़ी राहत, विवादित वीडियो पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- ‘हाईकोर्ट जाइए’

सुप्रीम कोर्ट ने असम के मु्ख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ कथित हेट स्पीच और विवादित वीडियो मामले में सीधी सुनवाई से इनकार कर दिया है.

Loading Ad...

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. इस मामले में याचिकाएं सीपीआईएम, सीपीआई नेता एनी राजा और असमिया स्कॉलर हिरेन गोहेन ने दायर की थीं. 

कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान क्या कहा?

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल पंचोली की बेंच ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट का रुख करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया, "इन सभी मुद्दों पर अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट की ओर से प्रभावी ढंग से फैसला सुनाया जा सकता है. हमें यहां इस पर सुनवाई करने का कोई कारण नहीं दिखता और इसलिए हम याचिकाकर्ता को अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट में भेजते हैं. हम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध करते हैं कि वे सुनवाई को प्राथमिकता दें, क्योंकि वकील ने मामले में अर्जेंसी का हवाला दिया है”.

Loading Ad...

वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या दी दलील?

Loading Ad...

याचिकाकर्ता के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा ने असम के साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बयान दिया है, इसलिए इस मामले को सुप्रीम कोर्ट को सुनना चाहिए. अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि एक मुख्यमंत्री जिसने संविधान की शपथ ली है. वे एक संवैधानिक पदाधिकारी हैं, लेकिन उन्होंने उस शपथ का उल्लंघन किया है.

‘हाईकोर्ट को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश हो रही है’

Loading Ad...

इन याचिकाओं में सीएम सरमा के 'मियां मुस्लिम' बयान और सोशल मीडिया पर उनके वायरल वीडियो का हवाला देते हुए एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी जांच की मांग की गई थी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके पास मामले की सीधे सुनवाई करने का अधिकार है, लेकिन वह 'शॉर्टकट' अपनाने के पक्ष में नहीं है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, "हमारे पास पहले से लंबित मामले हैं, जिन्हें निपटाना है. पूरा प्रयास हाईकोर्ट का मनोबल गिराने का है. हाईकोर्ट को कमजोर करने की एक सुनियोजित कोशिश हो रही है”. उन्होंने कहा, "आप अभी तक हाईकोर्ट नहीं गए हैं. हमें भरोसा है कि हाईकोर्ट इस पर गौर कर सकता है और फैसला कर सकता है”. कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई पहले हाईकोर्ट को करनी चाहिए. हाईकोर्ट इस केस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. 

क्या है पूरा मामला?

यह भी पढ़ें

असम भाजपा ने एक्स हैंडल पर एक एनिमेडेट वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को एक राइफल से निशाना साधते हुए दिखाया गया था. वीडियो में प्रतीकात्मक रुप से दाढ़ी और टोपी पहने लोगों पर गोलियां चलती दिखाई गई थीं. इसके साथ-साथ ‘पॉइंट ब्लैक शॉट’ और ‘नो मर्सी’ जैसे कैप्शन लिखे थे. जिसके बाद सियासत गरमा गई और हिमंता पर साम्प्रदायिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगा. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...