Advertisement
विपक्ष पर हिमंता का ‘हल्ला बोल’, बोले- ‘विदेशियों की पहचान करना सिर्फ बीजेपी की जिम्मेदारी नहीं, असम में लगातार बढ़ रही है घुसपैठियों की संख्या’
Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर बोलते रहते हैं. उन्होंने अभी हाल ही के एक बयान में कहा है कि, ‘विदेशियों की पहचान करना सिर्फ बीजेपी की जिम्मेदारी नहीं है’.
Advertisement
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द 'मिया' राज्य में रह रहे हैं. भाजपा ने वोटर लिस्ट के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लगभग पांच लाख शिकायतें दर्ज कराई हैं, और इस काम को विदेशियों की पहचान करने के लिए एक 'राष्ट्रीय जिम्मेदारी' बताया है.
ऊपरी असम के कई जिलों में ‘अज्ञात लोग’- सीएम हिमंता
सिवासागर में पत्रकारों से बात करते हुए, सरमा ने दावा किया कि कई 'अज्ञात लोग', जो पहले असम में मौजूद नहीं थे, अब ऊपरी असम के कई जिलों में रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर हाल ही में राज्य में आए लोगों को एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नोटिस मिलते हैं, तो इससे उनकी विदेशी होने की स्थिति साफ हो जाएगी.
Advertisement
‘मिया’ शब्द का इस्तेमाल, बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए!
Advertisement
'मिया' शब्द का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका इस्तेमाल पहले असम में बंगाली बोलने वाले मुसलमानों के लिए अपमानजनक संदर्भ के रूप में किया जाता था, लेकिन अब समुदाय के कुछ सदस्य, जिनमें एक्टिविस्ट भी शामिल हैं, इसे अपनी पहचान बताने के तरीके के रूप में खुले तौर पर अपना रहे हैं. सरमा ने आरोप लगाया कि ऐसे दावे 'संदिग्ध' लोगों द्वारा किए जा रहे हैं और कहा कि चुनाव आयोग रिवीजन प्रक्रिया के दौरान सबमिट की गई सभी शिकायतों की जांच करेगा.
‘विदेशियों की पहचान करना सिर्फ बीजेपी की जिम्मेदारी नहीं’
Advertisement
यह कहते हुए कि विदेशियों की पहचान करना सिर्फ भाजपा की जिम्मेदारी नहीं है, सरमा ने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी को एसआईआर अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए. उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर आपत्ति दर्ज न करने और इसके बजाय यह दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया कि असम में कोई बांग्लादेशी नागरिक नहीं है.
‘असम में 1.35 प्रतिशत मतदाताओं की हुई है वृद्धि’
उन्होंने कहा, "भाजपा घुसपैठियों के खिलाफ है, और वह उसी के अनुसार काम करती है. हमारे कार्यकर्ताओं ने शिकायतें दर्ज की हैं क्योंकि उनका मानना है कि राज्य में घुसपैठिए मौजूद हैं”. आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए, सरमा ने कहा कि एसआईआर के बाद 30 दिसंबर को प्रकाशित एकीकृत ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार, असम में मतदाताओं में 1.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
Advertisement
‘तिनसुकिया में ‘अज्ञात बांग्लादेशी’ मिया की संख्या बढ़ रही है’
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में 'बांग्लादेशी मिया' दुलियाजान, सरूपथार और गोलाघाट जैसे जिलों में घुस गए हैं और दावा किया कि तिनसुकिया जैसे इलाकों में ऐसे लोगों द्वारा जमीन खरीदने में वृद्धि हुई है. पिछले जनसांख्यिकीय धारणाओं को याद करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले माना जाता था कि तिनसुकिया में हिंदी और बंगाली बोलने वाले निवासियों का दबदबा है, लेकिन आरोप लगाया कि अब 'अज्ञात बांग्लादेशी मिया' की संख्या काफी बढ़ गई है.
यह भी पढ़ें