Advertisement

Loading Ad...

हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से भारी तबाही, एक व्यक्ति की माैत, कई लापता

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश में एक की मौत हो गई, वहीं कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. इस तबाही में 26 मवेशियों की भी माैत हो गई. पटिकरी पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गया. साथ ही चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद है.

Loading Ad...

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है. करसोग और धर्मपुर उपमंडल में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है. गोहर और सदर उपमंडल में भी भूस्खलन और जलभराव की कई घटनाएं सामने आई हैं. करसोग में फ्लैश फ्लड के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. 

करसोग में एक की मौत
करसोग के पुराना बाजार (पंजराट), कुट्टी, बरल, ममेल और भ्याल क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड की वजह से कई गाड़ियां बह गईं और घरों को नुकसान पहुंचा. इस आपदा में एक व्यक्ति की मौत हो गई. करसोग के डीएसपी तरनजीत सिंह के मुताबिक, राहत और बचाव का कार्य जारी है और 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है.

धर्मपुर में कई गौशालाएं जमींदोज
धर्मपुर की मंडप तहसील के सुंदल गांव के पास फ्लैश फ्लड से काफल भवानी माता मंदिर से आने वाला नाला उफान पर आ गया. यहां अभी किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है. हालांकि धर्मपुर की लौंगनी पंचायत के सयाठी गांव में भूस्खलन से एक मकान और कई गौशालाएं जमींदोज हो गईं. हादसे में मवेशियों और खच्चरों के हताहत होने की सूचना है.

Loading Ad...

26 मवेशियों की माैत
सराज क्षेत्र के बाड़ा में दो और तलवाड़ा में तीन लोग लापता हैं. बाड़ा में चार और तलवाड़ा में एक बच्ची को रेस्क्यू किया गया है. मंडी शहर के विभिन्न स्थानों से 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. धर्मपुर के त्रियांबला में दो घर व पांच गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं. 26 मवेशियों की माैत हो गई. भदराणा में चार घर व तीन गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं.   डीसी मंडी अपूर्व देवगन बाड़ा और तलवाड़ा सहित क्षेत्र में हालात का जायजा ले रहे हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. 

Loading Ad...

पंडोह डैम का जलस्त 2922 फीट तक पहुंचा 
जिले में भारी बारिश के चलते पंडोह डैम का जलस्तर तेजी से बढ़कर 2922 फीट तक पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 2941 फीट पर है. जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए डैम से ब्यास नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है. इससे ब्यास नदी पूरे उफान पर है और मंडी शहर में पंचवक्त्र मंदिर तक पानी पहुंच गया. शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया. यहां सभी छोटे बड़े नदी-नाले उफान पर हैं. भारी बारिश के चलते पूरा जनजीवन अस्तव्यस्त है. प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से अपील की है कि वो नदी-नालों के आसपास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें.

पटिकरी पावर प्रोजेक्ट तबाह
उधर, बीती रात से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने मंडी जिले में हालात बिगाड़ दिए हैं. जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है. बाखलीखड्ड पर 2008 में बना 16 मेगावाट का पटिकरी पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गया है. फिलहाल पावर हाउस में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

Loading Ad...

मंडी कोटली सड़क पर लैंडस्लाइड
भारी बारिश के कारण मंडी शहर के पंडोह बाजार में जलभराव हो गया, जहां लोगों को रात में रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. रघुनाथ का पधर से सभी बीती रात को प्रशासन की ओर से 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया. शहर के पैलेस कॉलोनी वार्ड में भी बारिश ने खूब तबाही मचाई, यहां जेल रोड इलाके में कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा. मंडी कोटली सड़क पर जगह-जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं हुई हैं, जिसमें कई घरों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है. बाड़ी गुमाणू सड़क पर भारी लैंडस्लाइड हुआ, जिससे ये संपर्क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है.

यह भी पढ़ें

चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर यातायात बंद 
पंडोह के पास पटीकरी पावर प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है. बाखली और कुकलाह पुल टूट जाने से कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है. वहीं, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद है. जिले में हो रही लगातार बारिश और संभावित खतरे को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों को एहतियातन बंद कर दिया गया है. राहत और बचाव टीमें अलर्ट मोड पर हैं.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...