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बेटी की शादी में होगी मदद! योगी सरकार दे रही है 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता
CM Yogi: शादी अनुदान योजना के माध्यम से गरीब और पिछड़े वर्ग के परिवारों को अपनी बेटियों की शादी में मदद मिलती है. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और सीधे बैंक खाते में राशि भेजने की प्रक्रिया इसे और आसान बनाती है. यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि समाज में बेटियों के महत्व को बढ़ावा देने का काम भी करती है.
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Shaadi Anudan Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों के लिए एक विशेष योजना चलाई है, जिसका नाम है शादी अनुदान योजना. इस योजना के तहत उन परिवारों को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनकी बेटियों की शादी हो रही है. इस मदद का मकसद यह है कि गरीब परिवारों पर शादी के समय आने वाले खर्च का बोझ कम हो और बेटियों की शादी आसानी से हो सके. यह योजना केवल अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों के लिए है. इसमें अल्पसंख्यक OBC परिवार शामिल नहीं होंगे. लाभ लेने के लिए बेटी की न्यूनतम उम्र 18 साल और वर की न्यूनतम उम्र 21 साल होना जरूरी है. इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.
कौन आवेदन कर सकता है और कब
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जाता है. अभिभावक अपनी बेटी की शादी से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक आवेदन कर सकते हैं. जो लोग वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन या विधवा पेंशन ले रहे हैं, उन्हें आय प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है. ऐसे लोग केवल अपना पेंशन रजिस्ट्रेशन नंबर भरकर आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अभिभावक shadianudan.upsdc.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भर सकते हैं. सरकार यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजती है. इसके लिए लाभार्थी का खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में होना चाहिए. जिला सहकारी बैंक का खाता मान्य नहीं होगा.
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आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है.
इनमें शामिल हैं:
पहचान पत्र (ID Proof)
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
शादी का कार्ड
बेटी की उम्र का प्रमाण पत्र
अभ्यर्थी का फोटो
ये दस्तावेज जमा करके परिवार अपनी बेटी की शादी के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकता है.
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सरकार का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद की जाए और बेटियों की शादी में कोई दिक्कत न आए. इससे न केवल परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी. जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी स्मृति गौतम के अनुसार, यह योजना सालभर लागू रहती है और जरूरतमंद परिवार अपनी पुत्री की शादी से तीन महीने पहले और तीन महीने बाद तक आवेदन कर सकते हैं. यह योजना विशेष रूप से गरीब पिछड़ा वर्ग परिवारों के लिए है और सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि लाभ सही लोगों तक पहुंचे.
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शादी अनुदान योजना के माध्यम से गरीब और पिछड़े वर्ग के परिवारों को अपनी बेटियों की शादी में मदद मिलती है. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और सीधे बैंक खाते में राशि भेजने की प्रक्रिया इसे और आसान बनाती है. यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि समाज में बेटियों के महत्व को बढ़ावा देने का काम भी करती है.