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घर में घुसकर पाकिस्तान में मचाई थी तबाही... अब सरकार ने 'वीर चक्र सम्मान' से किया सम्मानित, जानें कौन हैं भारत के लाल 'अनिमेष पाटनी'

'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए पाकिस्तान में घुसकर तबाही मचाने वाले इंडियन आर्मी के ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी को 'वीर चक्र सम्मान' से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित वीर चक्र सम्मान समारोह में मिला है. इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी है.

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था. भारत ने इस ऑपरेशन के जरिए पाकिस्तान और उसके POK स्थित 9 से ज्यादा आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. इसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे. भारतीय सेना के कई शूरवीर जांबाजों ने दुश्मन मुल्क को ऐसी धूल चटाई कि उसे भारत के सामने सीजफायर के लिए झुकना पड़ा. इस ऑपरेशन में बारां जिले के कुंजेड गांव के रहने वाले ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी भी शामिल थे, जिन्होंने ऑपरेशन को सफल बनाने में बड़ा योगदान दिया. ऐसे में अब उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें गैलंट्री अवॉर्ड यानी 'वीर चक्र' से सम्मानित किया है. यह पुरस्कार उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में दिया गया है. यह युद्ध काल का तीसरा सबसे बड़ा अवार्ड है. इस अवार्ड को पाने के बाद अनिमेष और उनके परिवार में खुशी का माहौल है. तो चलिए जानते हैं कि कौन है अनिमेष पाटनी? जिन्हें इस अवार्ड से सम्मानित किया गया है. 

कौन हैं अनिमेष पाटनी?

बता दें कि अनिमेष पाटनी का जन्म 25 फरवरी साल 1994 को राजस्थान के कोटा शहर में हुआ था. उनके पिता केके पाटनी सार्वजनिक निर्माण विभाग कोटा में इंजीनियर के पद पर तैनात थे, वह गांव से अपने परिवार संग इसी शहर में शिफ्ट हो गए थे, जहां अनिमेष ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई कोटा के ही सेंट पॉल स्कूल से पूरी की. उसके बाद उनका चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी पुणे में हुआ. 2004 में पास आउट होने के बाद साल 2005 में उनकी पहली पोस्टिंग असम की छबवा एयरफोर्स बेस पर हुई. अनिमेष वर्तमान में जालंधर के नजदीक आदमपुर एयरबेस में बतौर ग्रुप कैप्टन कार्यरत हैं. 

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कौन-कौन है परिवार में?

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कैप्टन अनिमेष के पिता का साल 2020 में निधन हो चुका है. उसके अलावा उनके परिवार में मां अनिला, दो बड़ी बहनें और पत्नी हैं, इनमें दोनों बहने जॉब करती हैं. एक बहन अजमेर में डॉक्टर हैं, तो दूसरी हैदराबाद में जॉब कर रही हैं. अनिमेष की पत्नी का नाम वर्दनी है और एक 13 वर्षीय बेटी भी है, जिसका नाम वामिका है. अनिमेष वर्तमान में अपनी पत्नी और बच्चों के संग पंजाब में ही रहते हैं. हालांकि, कभी-कभार वह त्यौहारों पर अपने गांव भी जाते हैं.

भारतीय सेना की एयर स्ट्राइक टीम के कैप्टन थे अनिमेष 

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की रात को पाकिस्तान और POK स्थित सैकड़ो किलोमीटर अंदर घुसकर एयर स्ट्राइक की थी, इसमें पाकिस्तान के कई अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन के मुख्यालय को निशाना बनाया गया था. इनमें प्रमुख रूप से मुरीदके और बहावलपुर भी शामिल था. ऑपरेशन करने वाली कई टीमों में से एक टीम का प्रतिनिधित्व बतौर ग्रुप कैप्टन अनिमेष ने की थी. ऑपरेशन सफल होने के बाद पीएम मोदी जब आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे, तो उस दौरान अनिमेष ने भी उनसे मुलाकात की थी. उस दौरान पीएम मोदी ने अनिमेष और उनकी टीम को बधाई दी थी. अनिमेष देश के कई अन्य जगहों पर भी तैनात रहे और उन्होंने कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया. 

पीएम मोदी ने दी शाबाशी 

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राष्ट्रपति भवन में 'वीर चक्र' से सम्मानित किए गए अनिमेष को प्रधानमंत्री मोदी ने बधाई दी. इससे पूर्व अनिमेष ने अपनी वीरता का उदाहरण साल 2010 में भी दिया था, जब जोधपुर एयर बेस पर तैनाती के दौरान उनके मिग 27 विमान में उड़ान के दौरान ब्लास्ट हो गया था, लेकिन सूझबूझ दिखाते हुए अनिमेष ने विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर पाली जिले के जयपुर गांव की ओर मोड़ दिया था. विमान जब क्रैश हुआ, तो इस दौरान उन्होंने खुद के अलावा कई अन्य लोगों को भी बड़ी जनहानि से बचाया था. विमान के क्रैश होने के बाद अनिमेष ने पैराशूट से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई थी.

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