Advertisement

Loading Ad...

एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरू भगदड़ के लिए डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को ठहराया जिम्मेदार, मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्तगी की मांग

बुधवार की शाम बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस घटना के बाद बीजेपी कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार पर लगातार हमलावर है और उनसे सवाल पूछ रही है. केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने डीके शिवकुमार का इस्तीफा तक मांग लिया है.

Loading Ad...

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ के लिए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को जिम्मेदार ठहराया है. केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने डीके शिवकुमार पर गैरजिम्मेदाराना, अधीर और अपरिपक्व रवैये का आरोप लगाया और कहा कि इसी कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ.

RCB की जीत को प्रचार, महिमामंडन का बनाया साधन 

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने बेंगलुरु घटना पर दिल्ली में अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया है. इस पीसी में कुमारस्वामी ने कहा, " बेंगलुरु की इस त्रासदी के लिए जो व्यक्ति जिम्मेदार है, उसे तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए. राज्य की सरकार अहंकारी लोगों द्वारा चलाई जा रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक निष्क्रिय सीएम है. उनका अपने डिप्टी पर कोई नियंत्रण नहीं है, जबकि गृहमंत्री केवल आदेश मानने वाले बनकर रह गए हैं." 

Loading Ad...

आगे केंद्रीय मंत्री कहते हैं, सरकार ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की आईपीएल जीत को डीके शिवकुमार के प्रचार और महिमामंडन का साधन बना दिया. जब स्टेडियम के बाहर लोग मर रहे थे, तब डीके शिवकुमार पुरस्कार समारोह में व्यस्त थे ऐसा बर्ताव अहंकार नहीं तो और क्या है? 

Loading Ad...

कुमारस्वामी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इतनी जल्दी क्यों थी टीम को सम्मानित करने की? 3 जून मंगलवार को IPL का फाइनल मैच हुआ, इसमें RCB ने ट्रॉफी जीती, तो बुधवार को सुबह-सुबह किस हड़बड़ी में स्वागत और कार्यक्रम आयोजित किया गया? किसने टीम को न्योता दिया? क्यों इतनी जल्दबाजी दिखाई गई? क्या यह डीके शिवकुमार की RCB टीम थी?

'बाहर लाशें पड़ी थीं, डीके शिवकुमार कप चूम रहे थे'

Loading Ad...

अपनी पीसी में कुमारस्वामी कहते हैं, इस कार्यक्रम को अच्छे प्रबंधन और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के साथ किया जा सकता था. लेकिन डीके शिवकुमार ने सब कुछ जल्दबाजी और आत्मप्रशंसा के लिए किया, जब बाहर लाशें पड़ी थीं, तब डीके शिवकुमार मैदान में जाकर ट्रॉफी उठाकर उसे चूम रहे थे. क्या उन्होंने खुद मैच खेलकर कप जीता था? शायद खिलाड़ियों को भी ट्रॉफी छूने का मौका नहीं मिला हो.

यह भी पढ़ें

कुमारस्वामी ने सीएम सिद्धारमैया से मांग की कि यदि उनमें नेतृत्व का दम है, तो उन्हें ऐसे व्यक्ति को तुरंत अपने मंत्रिमंडल से बाहर करना चाहिए. इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...