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हरियाणा में आवारा पशुओं से हादसे पर मिलेगा 3 लाख का मुआवजा, दयालु-2 योजना लागू
Haryana: बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया ने की. इस बैठक में योजना के नियम, पात्रता और लाभ आम लोगों तक कैसे पहुंचे, इस पर विस्तार से चर्चा की गई.
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Haryana Dayalu -2 Yojana: दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना दयालु-2 को सही तरीके से लागू करने के लिए सोमवार को लघु सचिवालय में जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया ने की। इस बैठक में योजना के नियम, पात्रता और लाभ आम लोगों तक कैसे पहुंचे, इस पर विस्तार से चर्चा की गई.
योजना का लाभ किन्हें मिलेगा
एडीसी ने बताया कि दयालु-2 योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले लाभार्थी का हरियाणा राज्य का निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही लाभार्थी का नाम परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्ज होना चाहिए। यह योजना तभी लागू होगी, जब पशु के हमले की घटना हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर हुई हो। बाहर की घटना पर इस योजना के तहत सहायता नहीं मिलेगी.
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पशु हमले में मिलेगी आर्थिक मदद
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इस योजना के तहत आवारा या बेसहारा पशुओं के हमले या काटने की स्थिति में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसमें गाय, बैल, कुत्ता, नीलगाय, गधा जैसे पशुओं द्वारा किए गए हमले शामिल हैं. अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो पीड़ित व्यक्ति या उसके आश्रित परिवार को सरकार की ओर से मदद दी जाएगी.
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
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एडीसी ने बताया कि योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. पीड़ित परिवार सीधे दयालु-2 योजना के पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकता है. सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी. ध्यान रखने वाली बात यह है कि हादसे के 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है, वरना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
उम्र के हिसाब से मिलेगी सहायता राशि
सरकार ने इस योजना के तहत उम्र के अनुसार सहायता राशि तय की है. यदि 12 वर्ष तक की आयु में मृत्यु या 70 प्रतिशत से अधिक स्थायी दिव्यांगता होती है तो 1 लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक 2 लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक 3 लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक 5 लाख रुपये, और 45 वर्ष से अधिक आयु होने पर 3 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं अगर व्यक्ति घायल होता है, तो सभी आयु वर्गों के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके अलावा कुत्ते के काटने के मामलों में दांत के निशान के आधार पर भी सहायता देने का प्रावधान किया गया है.
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जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत की योजना
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दयालु-2 योजना का मकसद पशु हमले जैसी अचानक होने वाली घटनाओं में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा देना है. जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस सहायता से वंचित न रहे.