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हरियाणा सरकार ने बिजली विभाग के 28 LDC कर्मचारियों को हटाने का आदेश लिया वापस, नौकरी अब पूरी तरह सुरक्षित
प्रदेश सरकार ने उन आदेशों को वापस ले लिया है जिनमें इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की बात कही गई थी. अब सभी कर्मचारी पहले की तरह अपने पुराने पदों पर काम करते रहेंगे. इस फैसले से बिजली विभाग के कर्मचारियों में खुशी की लहर है.
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Haryana: हरियाणा के बिजली विभाग में काम करने वाले 28 लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) कर्मचारियों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है. प्रदेश सरकार ने उन आदेशों को वापस ले लिया है जिनमें इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की बात कही गई थी. अब सभी कर्मचारी पहले की तरह अपने पुराने पदों पर काम करते रहेंगे. इस फैसले से बिजली विभाग के कर्मचारियों में खुशी की लहर है.
मामला क्या था?
साल 2016 में हरियाणा बिजली विभाग में 964 पदों पर भर्ती निकाली गई थी. इस भर्ती के तहत 2019 में अंतिम परिणाम घोषित किया गया और चयनित उम्मीदवारों ने अपनी नौकरी ज्वाइन कर ली. लेकिन बाद में, जनवरी 2020 में आयोग ने संशोधित रिजल्ट जारी किया, जिससे कुछ कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ गई.
इसके बाद सुजाता रानी बनाम राज्य सरकार केस में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 2024 में आदेश दिया कि 2016 की भर्ती प्रक्रिया में चयनित सभी अभ्यर्थियों को खाली पदों पर समायोजित किया जाए. लेकिन कोर्ट के आदेश की व्याख्या करते समय बिजली विभाग ने गलती कर दी. विभाग ने कुछ कर्मचारियों को हटाने और फिर से ज्वाइन कराने के आदेश जारी कर दिए. इस वजह से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के कई कर्मचारियों में भ्रम और नाराजगी फैल गई थी.
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अधिकारियों के हस्तक्षेप से हल हुआ मामला
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जब यह मामला गंभीर हुआ, तो कर्मचारियों ने बिजली मंत्री अनिल विज और मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से हस्तक्षेप की अपील की. दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारियों की बात सुनी और मामले की जांच करवाई. उनके हस्तक्षेप के बाद बिजली विभाग ने पुराने आदेश रद्द कर दिए और साफ कर दिया कि सभी कर्मचारी अपने पदों पर बने रहेंगे. विभाग ने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से कर्मचारियों की वरिष्ठता, वेतन भत्तों या अनुभव पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
राहत की सांस: छह साल पुरानी नौकरी अब सुरक्षित
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सरकार के इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है. अब उनकी छह साल पुरानी नौकरी और सभी अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं.
इन सभी की नियुक्ति विज्ञापन संख्या 03/2016 (कैटेगरी नंबर-3) के तहत हुई थी. भर्ती प्रक्रिया में काफी समय लगने के बाद उन्होंने 2019 में विभाग ज्वाइन किया था, लेकिन परिणाम संशोधित होने से वे असमंजस में पड़ गए थे. अब आदेश वापस लिए जाने से इन कर्मचारियों को दोबारा नौकरी खोने का डर नहीं रहेगा और वे निश्चिंत होकर अपने काम में जुट सकते हैं.
कर्मचारियों में खुशी का माहौल
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विभाग के इस निर्णय के बाद बिजली विभाग के दफ्तरों में खुशी और संतोष का माहौल है. कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री का आभार जताया है और कहा है कि सरकार ने सही समय पर सही निर्णय लेकर श्रमिकों का भरोसा जीत लिया है. कई कर्मचारियों ने कहा कि अब वे फिर से मन लगाकर काम कर पाएंगे और विभाग को बेहतर सेवाएँ दे सकेंगे.