Advertisement
हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, स्कूलों में स्टाफ की कमी को लेकर सख्त नियम, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
हरियाणा सरकार का ये कदम इस बात को दर्शाता है कि वह बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर है. जब तक पक्की नौकरी वाली भर्तियां नहीं होतीं, तब तक अनुबंध पर टीचर रखकर पढ़ाई को रुकने नहीं दिया जाएगा.
Advertisement
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए अब सरकार ने एक अंतरिम समाधान निकाला है. जब तक पक्की भर्तियां नहीं होतीं, तब तक अनुबंध (contract) आधार पर नए टीचर रखे जाएंगे.इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के ज़रिए भर्तियों की तैयारी की जा रही है. इसका मतलब ये हुआ कि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बिना रुके आगे चलती रहेगी.
कितनी है शिक्षकों की कमी?
राज्य के सरकारी स्कूलों में कुल 1,22,359 टीचरों के पद स्वीकृत हैं. लेकिन इनमें से करीब 29,866 पद खाली हैं.अभी जो टीचर पढ़ा रहे हैं, उनमें से:
Advertisement
- 81,388 टीचर नियमित (permanent) हैं,
- 11,105 टीचर अतिथि (guest) आधार पर हैं,
- और 6,667 टीचर HKRN के ज़रिए रखे गए हैं.
- इस तरह फिलहाल कुल 92,493 टीचर ही स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं, जबकि ज़रूरत इससे कहीं ज़्यादा है.
अब Contract पर होंगे टीचर
Advertisement
सरकार का मकसद है कि बच्चों की पढ़ाई बिलकुल भी बाधित न हो, इसलिए जब तक पक्की नौकरी वाली भर्तियां नहीं हो जातीं, तब तक अनुबंध पर टीचरों की नियुक्ति की जाएगी. यह काम HKRN (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) के माध्यम से किया जाएगा.
गैर-शिक्षक स्टाफ का भी मांगा गया ब्योरा
Advertisement
सिर्फ टीचर ही नहीं, बल्कि स्कूलों में जो गैर-शिक्षक कर्मचारी (जैसे क्लर्क, चपरासी आदि) HKRN के ज़रिए काम कर रहे हैं, उनका भी पूरा डाटा मांगा गया है.
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (BEO) को चिट्ठी लिखी है और साफ कहा है कि एक तय प्रोफार्मा (format) में सभी जानकारी जल्दी भेजें.
इस जानकारी में शामिल होगा:
- कर्मचारी का नाम
- उसका पदनाम (designation)
- किस स्कूल या ऑफिस में तैनात है
- कब से काम कर रहा है
- और वो किस स्वीकृत पद पर कार्यरत है
देरी करने पर होगी कार्रवाई
Advertisement
कई जिलों से अब तक यह जानकारी समय पर नहीं भेजी गई है. इस पर शिक्षा निदेशक ने नाराज़गी जताई है और साफ चेतावनी दी है कि अब अगर कोई जिला अधिकारी रिपोर्ट समय पर नहीं भेजता है, तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
आने वाली भर्तियों की योजना बनेगी
सरकार का मकसद है कि पूरा डाटा एक जगह इकट्ठा किया जाए, ताकि यह साफ हो सके कि कहां कितने कर्मचारी काम कर रहे हैं और कितनी ज़रूरत है। इससे भविष्य में जो भी नई भर्तियां होंगी, उनकी योजना बेहतर ढंग से बनाई जा सकेगी.
Advertisement
पढ़ाई ना रुके, इसलिए सरकार का स्मार्ट प्लान
यह भी पढ़ें
हरियाणा सरकार का ये कदम इस बात को दर्शाता है कि वह बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर है. जब तक पक्की नौकरी वाली भर्तियां नहीं होतीं, तब तक अनुबंध पर टीचर रखकर पढ़ाई को रुकने नहीं दिया जाएगा. साथ ही, सभी स्कूलों में काम कर रहे कर्मचारियों का डाटा एक साथ इकट्ठा करके सरकार एक बेहतर योजना बना पाएगी, जिससे भविष्य में स्टाफ की कमी जैसी समस्या दोबारा ना हो.