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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, दुकानों के कर्मचारियों को अब मिलेगी इतने दिन की छुट्टी
Haryana: हरियाणा सरकार का यह नया कानून काम के घंटे, छुट्टी, पंजीकरण और ओवरटाइम से जुड़े नियमों को आसान और व्यावहारिक बनाने की कोशिश है. सरकार का दावा है कि इससे न सिर्फ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी बेहतर काम का माहौल मिलेगा.
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Haryana Holiday For Shop Employee: हरियाणा की सैनी सरकार ने विधानसभा में हरियाणा दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक 2025 को पास कर दिया है. इस कानून के लागू होने के बाद दुकानों और प्राइवेट कंपनियों में काम करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला कर्मचारियों और व्यापारियों, दोनों के फायदे को ध्यान में रखकर लिया गया है.
अब रोजाना 10 घंटे काम, हफ्ते में 48 घंटे की सीमा
नए कानून के तहत अब दुकानों और निजी कंपनियों में कर्मचारियों से रोजाना 9 घंटे की जगह 10 घंटे काम कराया जा सकेगा. हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि साप्ताहिक काम के घंटे 48 से ज्यादा नहीं होंगे. यानी पूरे हफ्ते में काम की एक तय सीमा रखी गई है, ताकि कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा बोझ न पड़े.
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कर्मचारियों को मिलेंगे हफ्ते में दो दिन की छुट्टी
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इस विधेयक में कर्मचारियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है. सरकार ने तय किया है कि अब कर्मचारियों को हर हफ्ते दो दिन का अवकाश दिया जाएगा. इससे कर्मचारियों को आराम मिलेगा और वे अपने परिवार और निजी जीवन के लिए भी समय निकाल सकेंगे.
दुकानदारों के लिए पंजीकरण के नियम आसान
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श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि अब दुकानों पर कर्मचारियों की संख्या की कोई सीमा नहीं होगी. पहले जहां नियम सख्त थे, अब दुकानों में 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी रखे जा सकते हैं. इसके साथ ही, जिन प्रतिष्ठानों में 20 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें अब पंजीकरण प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं होगी. ऐसे दुकानदारों को केवल सरकार को अपने व्यवसाय की जानकारी देनी होगी. पहले हर दुकानदार के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य था, चाहे कर्मचारी हों या नहीं.
अन्य राज्यों से तुलना कर बनाया गया कानून
अनिल विज ने बताया कि इस कानून को बनाने से पहले उन्होंने देश के कई राज्यों के नियमों का अध्ययन किया. उन्होंने कहा कि आज भी कर्नाटक जैसे राज्यों में दुकानदारों को पंजीकरण कराना पड़ता है, भले ही उनके पास एक भी कर्मचारी न हो. उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में रोजाना काम के घंटे पहले से ही 10 घंटे तय हैं.
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ओवरटाइम में हरियाणा सबसे आगे
श्रम मंत्री ने कहा कि ओवरटाइम के मामले में हरियाणा देश में सबसे आगे है. यहां कर्मचारियों को साल में अधिकतम 156 घंटे ओवरटाइम करने की अनुमति है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है. उनका कहना है कि यह कानून ऐसा बनाया गया है जिससे व्यापारियों को काम करने में आसानी हो और कर्मचारियों के अधिकार भी सुरक्षित रहें.
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कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह नया कानून काम के घंटे, छुट्टी, पंजीकरण और ओवरटाइम से जुड़े नियमों को आसान और व्यावहारिक बनाने की कोशिश है. सरकार का दावा है कि इससे न सिर्फ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी बेहतर काम का माहौल मिलेगा.