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मोदी-शाह के करीबी, RSS के भरोसेमंद…कौन हैं जगदीश विश्वकर्मा? जिन्हें गुजरात में BJP ने बनाया अध्यक्ष

गुजरात में जगदीश विश्वकर्मा की छवि एक दमदार नेता की है. 2026 के स्थानीय निकाय चुनाव से पहले BJP ने उनको बड़ी जिम्मेदारी दी है. नए अध्यक्ष के तौर पर उनके सामने कुछ चुनौतियां भी हैं.

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गुजरात में BJP के वरिष्ठ नेता और मंत्री जगदीश विश्वकर्मा को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात BJP का अध्यक्ष बनाया गया है. गुजरात BJP में उनकी छवि एक दमदार नेता की है. 2026 के स्थानीय निकाय चुनाव से पहले BJP ने जगदीश विश्वकर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दी है. चलिए जानते हैं कौन हैं RSS के भरोसेमंद जगदीश वर्मा. 

जगदीश विश्वकर्मा ने गुजरात BJP के नए अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है. 52 वर्षीय जगदीश विश्वकर्मा OBC नेता हैं. वह इस पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले इकलौते उम्मीदवार थे. जगदीश विश्वकर्मा से पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील गुजरात BJP के अध्यक्ष थे, लेकिन उनका कार्यकाल साल 2023 में ही खत्म हो गया था. हालांकि इसके बाद भी वह पद पर बने हुए थे. अब जगदीश वर्मा के रूप में गुजरात BJP को नया अध्यक्ष मिल गया है. 

बूथ लेवल के कार्यकर्ता से दमदार मंत्री तक का सफर

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12 अगस्त 1973 को अहमदाबाद के थक्करबापानगर में जन्में जगदीश विश्वकर्मा गुजरात का बड़ा OBC चेहरा हैं. वे गुजरात के पंचाल समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. साल 1998 में BJP के बूथ लेवल के कार्यकर्ता के तौर पर उन्होंने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था. थक्करबापानगर क्षेत्र में उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए अहम भूमिका निभाई. जगदीश विश्वकर्मा एक MSME यूनिट के मालिक हैं वह मशीनरी से जुड़ा बिजनेस चलाते हैं. 

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जगदीश विश्वकर्मा के पास कौन-कौनसे मंत्रालय हैं? 

साधारण बूथ लेवल के कार्यकर्ता से अपना सफर शुरू करने वाले जगदीश विश्वकर्मा के पास गुजरात सरकार में कई मंत्रालय हैं. इनमें सहकारिता, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम (MSME), कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग मंत्रालय शामिल हैं. 

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अमित शाह के खास, RSS के भरोसेमंद 

पहले बूथ लेवल का कार्यकर्ता, फिर अहमदाबाद शहर के BJP अध्यक्ष और अब गुजरात BJP अध्यक्ष पद पर काबिज होने वाले जगदीश विश्वकर्मा ने संगठन में स्टेप बाय स्टेप बड़ा कद हासिल किया. इस दौरान उन्होंने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी काम किया. इसके अलावा जगदीश विश्वकर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक के साथ भी मजबूती से जुड़े हुए हैं. इसलिए उनके काम में BJP और RSS दोनों की संस्कृति झलकती है. माना जाता है पिछले एक साल से ही जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात BJP का अध्यक्ष बनाए जाने पर चर्चा चल रही थी. वे गुजरात BJP की उद्योग सेल के संयोजक भी रह चुके हैं.

सहकारी बैंकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका

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जगदीश विश्वकर्मा के राजनीतिक करियर पर नजर डालें तो वह अहमदाबाद के निकोल विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए हैं. साल 2021 में केंद्र सरकार ने सहकारिता मंत्रालय को अलग कर दिया गया. इसके बाद गुजरात सहकारिता विभाग उनके जिम्मे आया. 
दावा किया जाता है पिछले 5 सालों में सहकारी क्षेत्र में जगदीश विश्वकर्मा ने कई सुधार लागू किए हैं. BJP का दावा है कि जगदीश विश्वकर्मा ने सहकारी बैंकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. जो उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं. उनकी मेहनत, संगठन क्षमता और टॉप लेवल की लीडरशिप दर्शाती है कि आलाकमान ने अध्यक्ष के तौर पर उन्हें ही क्यों चुना. 

कितनी संपत्ति के मालिक हैं जगदीश विश्वकर्मा? 

जगदीश विश्वकर्मा अहमदाबाद के सबसे धनवान विधायकों में गिने जाते हैं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार, संपत्ति और गहने मिलाकर जगदीश विश्वकर्मा 20.42 करोड़ रुपये के मालिक हैं. इसमें 5.53 करोड़ नकद रुपये भी शामिल है. वहीं, जगदीश विश्वकर्मा की पत्नी अल्काबेन भी 2.51 करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन हैं. 

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जगदीश विश्वकर्मा के सामने क्या है बड़ी चुनौती? 

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गुजरात BJP के नए अध्यक्ष जगदीश वर्मा को बड़ी जिम्मेदारी के साथ कुछ चुनौतियां भी मिली हैं. क्योंकि साल 2027 के चुनावों से पहले गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव हैं. जो बीजेपी के लिए सेमीफाइनल माने जा रहे हैं. 2026 के शुरूआत जनवरी-फरवरी में निगम, नगरपालिकाएं, जिला पंचायत और तालुका पंचायत के चुनाव होंगे. ऐसे में जगदीश वर्मा पर पार्टी को और मजबूत कर इन चुनावों में बेहतर परफॉर्मेंस की जिम्मेदारी है. क्योंकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी गुजरात में अपना कद बढ़ाने के लिए पार्टी को धार देने में जुटी हैं. ऐसे में जगदीश वर्मा पर ग्रामीण क्षेत्रों और ओबीसी वर्ग के बीच प्रभाव पढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी है. 

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