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UP में सस्ते मिल रहे हैं सरकारी फ्लैट और प्लॉट, योगी कैबिनेट की नई गाइडलाइंस से घर खरीदना हुआ आसान
Yogi Cabinet: इन नई गाइडलाइंस के तहत अब मकान या फ्लैट की कीमत तय करने का तरीका पहले से ज्यादा पारदर्शी और व्यावहारिक होगा. कीमत तय करते समय जमीन की लागत, अंदर और बाहर के विकास पर खर्च, निर्माण लागत और ब्याज को साफ-साफ जोड़कर मूल्य तय किया जाएगा, जिससे कीमत बेवजह ज्यादा नहीं बढ़ेगी.
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UP New Guidelines From The Yogi Cabinet: उत्तर प्रदेश में घर या फ्लैट खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है. विकास प्राधिकरण और आवास-विकास परिषद की जिन योजनाओं में अभी तक फ्लैट और मकान खाली पड़े हैं, वे अब सस्ते हो सकते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने ‘आदर्श कॉस्टिंग गाइडलाइंस-2025’ को मंजूरी दे दी है. इन नई गाइडलाइंस के तहत अब मकान या फ्लैट की कीमत तय करने का तरीका पहले से ज्यादा पारदर्शी और व्यावहारिक होगा. कीमत तय करते समय जमीन की लागत, अंदर और बाहर के विकास पर खर्च, निर्माण लागत और ब्याज को साफ-साफ जोड़कर मूल्य तय किया जाएगा, जिससे कीमत बेवजह ज्यादा नहीं बढ़ेगी.
ब्याज जोड़ने का तरीका बदला, कीमत पर पड़ेगा असर
नई गाइडलाइंस में यह तय किया गया है कि अब परियोजनाओं पर लगने वाला ब्याज SBI की MCLR दर से सिर्फ 1 प्रतिशत ज्यादा ही जोड़ा जाएगा. पहले ब्याज दर ज्यादा होने से मकान और फ्लैट महंगे पड़ते थे. इस बदलाव से यह उम्मीद की जा रही है कि जो प्रोजेक्ट लंबे समय से बिक नहीं पा रहे थे, उनकी कीमत अब लोगों की पहुंच में आ सकेगी और आम खरीदारों को राहत मिलेगी.
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अटकी संपत्तियों पर मिलेगी 25% तक की छूट
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सरकार ने विकास प्राधिकरणों को यह अधिकार भी दिया है कि वे बिक्री न हो पाने वाली संपत्तियों पर 25 प्रतिशत तक की छूट दे सकें. हालांकि यह शर्त भी रखी गई है कि छूट देने के बाद भी कीमत पहली बार तय की गई मूल कीमत से कम नहीं होनी चाहिए. इसका सीधा फायदा उन लोगों को होगा जो काफी समय से प्राधिकरण के फ्लैट या मकान खरीदना चाहते थे, लेकिन ऊंची कीमत के कारण फैसला नहीं कर पा रहे थे.
एकमुश्त भुगतान पर अतिरिक्त छूट
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अगर कोई खरीदार पूरा पैसा एक साथ या तय समय में जमा करता है, तो उसे अतिरिक्त छूट भी मिलेगी.
45 दिन में पूरा भुगतान करने पर 6 प्रतिशत,
60 दिन में भुगतान करने पर 5 प्रतिशत,
और 90 दिनों में भुगतान करने पर 4 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट दी जाएगी.
इससे उन लोगों को फायदा मिलेगा जो लोन के बजाय एकमुश्त भुगतान करने की क्षमता रखते हैं.
कॉर्नर और पार्क फेसिंग मकानों पर चार्ज घटा
पहले कॉर्नर प्लॉट, पार्क फेसिंग मकान या 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क पर बनी संपत्तियों पर 8 से 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त चार्ज लगता था. अब सरकार ने इसे घटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत कर दिया है. अगर किसी संपत्ति में ये तीनों सुविधाएं मौजूद हों, तब भी अब अधिकतम 12 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क ही लिया जाएगा. इससे प्रीमियम लोकेशन वाले मकान भी अब थोड़े सस्ते पड़ेंगे.
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EWS और LIG वर्ग को बड़ी राहत
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए ब्याज दर घटाकर सीधे 8 प्रतिशत कर दी गई है. इससे इन वर्गों के लोगों के लिए घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा.
कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनेंगे
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सरकार ने लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने का भी फैसला किया है. इसके लिए विकास प्राधिकरण महिला कल्याण विभाग को 1 रुपये सालाना लीज पर जमीन देंगे. गाजियाबाद में बनने वाले हॉस्टल के लिए FAR शुल्क में छूट को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जिससे प्रोजेक्ट जल्दी और कम लागत में पूरा हो सके.
प्रदेश में नए औद्योगिक और प्रशिक्षण प्रोजेक्ट
वाराणसी में टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए 75 एकड़ जमीन हथकरघा विभाग को दी जाएगी.
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बाराबंकी में टिश्यू कल्चर लैब,
पीलीभीत में बासमती बीज प्रोसेसिंग और ट्रेनिंग सेंटर,
और अरोमेटिक फार्म की स्थापना के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने को सरकार ने सहमति दे दी है.
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इन प्रोजेक्ट्स से स्थानीय लोगों को रोजगार और प्रशिक्षण के नए मौके मिलेंगे.
राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के रखरखाव के लिए समिति
लखनऊ के बसंत कुंज में बने राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी.
इसके लिए कॉर्पस फंड भी बनाया जाएगा.
इस फंड के ब्याज और टिकट से होने वाली आमदनी से पार्क का रखरखाव, सुरक्षा और संचालन किया जाएगा.
25 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन से पहले कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है.
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आजमगढ़ में विकास के लिए सीड कैपिटल
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कैबिनेट ने आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की एक योजना के लिए 194.9 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल मंजूर की है. इसमें से 100 करोड़ रुपये की पहली किस्त जल्द जारी की जाएगी. इस फैसले से क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और आवास विकास को नई गति मिलेगी.