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गोरखपुर में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में अव्यवस्थाओं को लेकर महिला अभ्यर्थियों का हंगामा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

गोरखपुर में करीब 600 महिला सिपाहियों ने सुबह हंगामा कर दिया. महिला सिपाहियों ने ट्रेनिंग सेंटर की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए.

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शहर के बिछिया स्थित 26वीं वाहिनी पीएसी में चल रहे पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर बुधवार सुबह महिला अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया. महिला अभ्यर्थी प्रशिक्षण केंद्र की बदहाल सुविधाओं, बिजली-पानी की किल्लत और आईटीसी प्रभारी के दुर्व्यवहार को लेकर सड़क पर उतर आईं और पीएसी गेट पर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी.

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और महिला अभ्यर्थियों को समझाकर शांत किया. इसके बाद उन्हें दोबारा पीएसी परिसर में भेजा गया, लेकिन महिलाएं प्रशासनिक भवन के सामने बैठ गईं और समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की बात पर अड़ी रहीं.

क्या हैं महिला अभ्यर्थियों की शिकायतें?

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2023 बैच की उत्तर प्रदेश नागरिक पुलिस की कुल 598 महिला अभ्यर्थियां सोमवार से प्रशिक्षण केंद्र में आई हैं. उनका कहना है कि:

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प्रशिक्षण केंद्र में सुविधाओं का अभाव है.

एक ही आरओ मशीन है, जिससे भीषण गर्मी में महज आधा लीटर पानी ही मिल पा रहा है. पंखों और वाटर कूलर की संख्या बेहद कम है. बाथरूम की संख्या कम है, जिससे गंदगी फैल रही है. बाथरूम की गैलरी में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिससे असहजता महसूस हो रही है.

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समस्याएं बताने पर आईटीसी प्रभारी द्वारा दुर्व्यवहार किया जा रहा है और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है. महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रेनिंग सेंटर की क्षमता केवल 300 लोगों की है, जबकि यहां लगभग 600 महिलाएं रखी गई हैं.

प्रशासन का क्या कहना है?

पीएसी सेनानायक आनंद कुमार ने बताया कि "महिला अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है. ट्रेनिंग सेंटर में सुविधाएं बढ़ाने को लेकर कार्य प्रगति पर है. जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा."

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गोरखपुर के इस पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में व्यवस्था सुधार की सख्त जरूरत है. प्रशिक्षण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में यदि मूलभूत सुविधाएं नहीं होंगी, तो उसका असर प्रशिक्षण की गुणवत्ता और महिलाओं के मनोबल पर भी पड़ेगा. प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है.

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